मंगलवार को सहकारिता विभाग के माध्यम से संचालित दूध गंगा के सामने तय समय के बाद दूध बेचने पहुंचे जिलेभर के पशुपालकों ने हंगामा किया। प्रबंधन की ओर से तय समय के बाद दूध खरीदी से इंकार कर दिया गया था। इस वजह से पशुपालकों ने हंगामा कर दिया। हालांकि प्रबंधन ने परिस्थिति को देखते हुए दूध खरीदने का निर्णय लिया। जिसके बाद मामला शांत हुआ। जानकारी के अनुसार दूध गंगा प्रबंधन की ओर से दूध खरीदने का समय सुबह 10.30 बजे तक निर्धारित किया गया है। मंगलवार को तय समय के बाद दूध लेकर कई पशुपालक केंद्र पहुंचे। प्रबंधन ने गेट बंद कर दूध खरीदने से मना कर दिया। इसी बात को लेकर किसानों और प्रबंधन के बीच विवाद की स्थिति बनी। पशुपालकों के आक्रोश और बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रबंधन ने दूध खरीदने का निर्णय लिया। इसके बाद मामला शांत हुआ और स्थिति सामान्य हुई। पशुपालकों का कहना था कि ठंड सीजन की वजह से दूध गंगा पहुंचने में देरी हो जाती है। ठंड बढ़ने से सुबह मवेशियों की देखभाल में समय लग जाता है। कई बार पशुओं के बीमार होने पर डॉक्टर का इंतजार करना पड़ता है, तो कभी गाड़ी खराब होने के कारण दूध लाने में देरी हो जाती है। दूध गंगा प्रबंधन से मांग की है कि ठंड को देखते हुए दूध खरीदने के समय में बढ़ोतरी की जाए।


