पंजाब की तरनतारन विधानसभा सीट से AAP विधायक डॉक्टर कश्मीर सिंह सोहल के देहांत के बाद अब एक और उपचुनाव की चुनौती खड़ी हो गई है। भले अभी चुनाव की तारीख का ऐलान नहीं हुआ है, मगर प्रदेश सरकार ने इसकी तैयारी अभी से शुरू कर दी है। प्रदेश की सड़कों की पुन निर्माण के लिए तरनतारन में रखी गई रैली से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इसका शंखनाद भी कर दिया है। रैली में ही उनकी तरफ से शिरोमणि अकाली दल छोड़कर आम आदमी पार्टी में आए हरमीत सिंह संधू को प्रत्याशी घोषित कर दिया है। इसके विपरीत वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने प्रदेश के बड़ी संख्या कर्मचारियों को संतुष्ट करने का भी प्रयास किया है। उनकी तरफ से सचिवालय में जंगलात वर्कर्स यूनियन, आशा वर्कर, फैसिलिटेटर निरोल यूनियन, आदर्श स्कूल टीचिंग-नॉन टीचिंग कर्मचारी यूनियन, ईटीटी-टीईटी पास अध्यापन एसोसिएशन (जय सिंह वाला), और बेरोजगार पीएसटीईटी पास आर्ट एंड क्राफ्ट संघर्ष यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें की हैं। आशा वर्करों को मेटरनिटी लीव देने का ऐलान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने प्रदेश में काम करने वाली करीबन 25 हजार आशा वर्करों को मेटरनिटी लीव देने का ऐलान कर इसका नोटीफिकेशन तक जारी कर दिया है। उनकी तरफ से अलग अलग कर्मचारियों के साथ बैठकें कर उनकी मांगों को नियमों के अनुसार हल करने का भी आश्वासन दिया है। विचार-विमर्श के दौरान, वित्त मंत्री चीमा ने संबंधित विभागों को यूनियन नेताओं द्वारा उठाई गई जायज मांगों पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वित्त मंत्री ने संबंधित विभागों को यह भी निर्देश दिया कि वे वित्त विभाग से संबंधित मांगों के लिए प्रस्ताव तैयार कर तुरंत विचार और आवश्यक कार्रवाई हेतु वित्त विभाग को भेजें। सेहत कर्मचारियों के लिए यह ऐलान
पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के पदाधिकारियों की एक बैठक पंजाब स्टेट हेल्थ एंड फेमिली वेलफेयर डिपॉर्टमेंट के प्रिंसिपल सचिव कुमार राहुल और डायरेक्टर हतिंदर कौर से भी हुई है। इस बैठक में भी कई अहम फैसले लिए गए हैं। तीन माह से खाली है तरनतारन विधानसभा सीट
जून 2025 में तरनतारन से विधायक डॉक्टर कशमीर सिंह सोहल की मौत कैंसर की बीमारी के कारण हो गई थी। उनकी मौत के बाद से ही यह सीट खाली पड़ी हुई है। पेशे से खुद डॉक्टर सोहल 2022 के विधानसभा चुनाव में पहली बार विधायक बने थे। बीमारी के बावजूद वे लगातार जनता से जुड़े रहे और सेवाभाव में सक्रिय रहे। 3 बार के विधायक और सीपीएस रहे AAP प्रत्याशी
वर्ष 1998 में सियासत में कूदे हरमीत सिंह संधू 2002 में आजाद तौर पर, 2007 में शिअद के टिकट पर और 2012 में संधू ने तीसरी बार तरनतारन से जीते थे। वह दो बार शिअद की सरकार में चीफ पार्ली मानी सचिव रहे हैं। बिक्रमजीत सिंह मजीठिया के करीबी जाने जाते हरमीत सिंह ने 2024 में ही शिरोमणि अकाली दल का साथ छोड़ दिया था। वह 15 जुलाई 2025 को आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे।


