तरनतारन जिले में शहर और आसपास के इलाकों में मकान मालिक बिना पुलिस वेरिफिकेशन के किराएदार रख रहे हैं। इससे आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने वाले आसानी से पुलिस की पकड़ से बच सकते हैं, जो चिंता का विषय है। मकान किराए पर देते समय संबंधित किराएदार से कोई पहचान पत्र नहीं लिया जाता और न ही नगर परिषद को इसकी सूचना दी जाती है। कानून के अनुसार, किसी भी किराएदार को मकान देने से पहले उसका पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य है। चोरों से लोग परेशान बता दे कि शहर में गाड़ी चोरों और लुटेरों के गिरोह सक्रिय हैं, जिससे लोग परेशान हैं। जिला प्रशासन इस गंभीर मुद्दे से अनजान प्रतीत होता है।वहीं कई मकान मालिक दूसरे जिलों, राज्यों या विदेशों में रहते हैं। वे बिना किसी जांच-पड़ताल के अपने मकान किराएदारों को दे देते हैं। समाजसेवी ने जताई चिंता इससे सरकारी खजाने को भी नुकसान हो रहा है और कानून का उल्लंघन भी हो रहा है।समाजसेवी पवन शर्मा ने इस मामले को चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि बिना सबूत के किराए पर रहने वाले लोग अपराध करने के बाद आसानी से बच निकलते हैं, जिससे पुलिस के लिए उन तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। बता दे कि समाजसेवी शर्मा ने एसएसपी तरनतारन सुरिंदर लांबा और नगर परिषद के ईओ कमलजीत सिंह से शहर में रहने वाले सभी किराएदारों की तत्काल पुलिस जांच कराने की मांग की है।


