भास्कर न्यूज | अमृतसर प्रियंका शर्मा पार्षद बनने के बाद से फील्ड वर्क में एक्टिव हो गई थीं। वहीं अब सीनियर डिप्टी मेयर की सीट संभालने के तीसरे दिन ही डेथ-बर्थ व पीएम आवास (पीएमवाई) योजना के दफ्तर चेक करने अचानक ही पहुंच गईं। इसके अलावा दूसरे विभागों में चल रहे कामों के बारे जानकारी ली। पीएमवाई ब्रांच में लाभार्थियों की फाइलें पेंडिंग मिली तो अफसरों को कॉल कर क्लियर कराने को कहा। वहीं डेथ-बर्थ विभाग में अफसरों से फाइलों का निपटारा नहीं कराए जाने की शिकायतों को लेकर बात की। जिस पर उनको बताया गया कि सेवा केंद्र से ही आवेदकों के फॉर्म गलत भरकर आते हैं। जिससे मुश्किलें आ रही हैं। लोगों के काम तय समय पर कराए जा रहे हैं। वहीं सीनियर डिप्टी मेयर के पास ऐसे मामले भी सामने आए जिसमें तरस के आधार पर नौकरी मिलने को लेकर 6 सालों तक से भी फाइलें पेंडिंग पड़ी हुई हैं। जबकि 74 साल वालों को बर्थ सर्टिफिकेट बनाने के लिए सेवा केंद्र में प्रूफ मांगा जाता है। जबकि उस दौरान अस्पताल भी नहीं बने रहे होंगे। वहीं पेंशन व पीएफ से जुड़ी फाइलें 6-6 माह से पेंडिंग पड़ी हुई हैं। जिस पर अफसरों से जवाब मांगा है। इन फाइलों को जल्द से जल्द क्लियर कराने के निर्देश दिए। सीनियर डिप्टी मेयर ने बताया कि पार्षद बनने के बाद एक ऐसा केस भी उनके सामने आया कि पुडा से एनओसी मिलनी थी, पर इसे निगम अफसरों ने ही जारी कर दिया। दरअसल, महिला को किसी काम के लिए एनओसी चाहिए थी। जो पुडा-ट्रस्ट फिर निगम दफ्तरों के चक्कर काटती रही। सही जानकारी किसी ने नहीं दी गई। इसके बाद निगम ने महिला को एनओसी जारी कर दिया। जब उनके पास महिला की शिकायत आई तो पुडा से एनओसी जारी हुई। इस तरह की गड़बड़ियों पर रोक लगाने के लिए किसी दिन एनओसी जारी करने वाले विभाग का दौरा करेंगी। गड़बड़ी पाई गई तो एक्शन के लिए उच्च अफसरों को लिखा जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जो भी अफसर-मुलाजिम ईमानदारी से काम कर रहे उनके सहयोग में 24 घंटे खड़ी रहेंगी। लापरवाही वालों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।


