भास्कर न्यूज | अमृतसर अमृतसर गेम्स एसोसिएशन (एजीए) के चुनाव और गांधी ग्राउंड की बदहाली पर विवाद अमृतसर गेम्स एसोसिएशन (एजीए) लगातार विवादों में बना हुआ है। कभी चुनाव न कराने, तो कभी पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (पीसीए) से बैन लगने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं न मिलने को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इसी अड़चन को भांपते हुए विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने पिछले विधानसभा सत्र में खेल मंत्री के सामने एजीए के निष्पक्ष चुनाव कराने और इंटरनेशनल मैच न होने पर सवाल उठाए थे। इसके बाद स्पोर्ट्स काउंसिल ने एजीए के चेयरमैन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा कि चुनाव कब होंगे और इंटरनेशनल मैच आयोजित करने की क्या संभावनाएं हैं। खेल मंत्री को इस संबंध में विधानसभा में जवाब देना होगा। गांधी ग्राउंड की बदहाली गांधी ग्राउंड, जहां 1982 में भारत-श्रीलंका और 1995 में भारत-न्यूजीलैंड के वनडे मैच खेले गए थे, अब जर्जर हालत में पहुंच चुका है। पीसीए ने सात महीने पहले मैदान की खराब स्थिति और खिलाड़ियों के लिए सुविधाओं की कमी के चलते बैन लगाया था, जिसे हाल ही में हटा दिया गया। लेकिन ग्राउंड में इंफ्रास्ट्रक्चर अब भी इंटरनेशनल मैचों के योग्य नहीं दिखता। एजीए में प्रशासनिक दखल और विवाद 1995 के बाद एजीए की कमान प्रशासनिक अधिकारियों के हाथों में आ गई, जिससे हालात और बिगड़ गए। मैदान की देखरेख नहीं हो रही, स्थानीय स्तर के मैच भी मुश्किल से हो रहे हैं। पीसीए द्वारा खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए दिए गए फंड का सही इस्तेमाल न होने पर भी सवाल उठ रहे हैं। क्रिकेट प्रेमियों की बजाय डॉक्टर, बिजनेसमैन और राजनेताओं को अहम पदों पर बैठाने से विवाद गहराता जा रहा है।


