तहसीलदारों की हड़ताल से राजस्व काम ठप्प:बिलासपुर में तहसील कार्यालयों में छाई वीरानी, फाइलों के लग रहे ढेर

बिलासपुर में 17 सूत्रीय मांगों को लेकर तहसीलदार और नायब तहसीलदारों की प्रदेशव्यापी हड़ताल के दूसरे दिन भी तहसील कार्यालयों में वीरानी छाई रही। तहसील कार्यालयों में राजस्व संबंधी कोई कार्य नहीं हुआ। कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने पहले ही ‘संसाधन नहीं तो काम नहीं’ का ऐलान कर अपनी मांगों को लेकर 28 जुलाई से 30 जुलाई तक काम बंद हड़ताल की जानकारी शासन को दे दी थी। संघ के जिलाध्यक्ष प्रकाश साहू ने बताया कि आंदोलन के तहत दूसरे दिन भी कामकाज ठप रहा। आय, जाति, निवास, खसरा खतौनी से लेकर सीमांकन आदि के कार्य नहीं हुए। बिलासपुर संभाग के 160 से अधिक राजस्व अधिकारियों ने मंगलवार को मुंगेली नाका चौक प्रगति मैदान में धरना प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उन्होंने राज्य सरकार से शासकीय संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, यह आंदोलन अनिश्चितकाल तक चलता रहेगा। ऑनलाइन कामकाज के लिए ऑपरेटर की भी मांग कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष केके लहरे ने कहा कि पिछले कई सालों से वे तहसील कार्यालय में आवश्यक संसाधन की मांग कर रहे हैं। उन्होंने पदोन्नति में 50% भर्ती तहसीलदारों की करने और तहसील कार्यालय में ऑनलाइन कामकाज के लिए ऑपरेटर की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि जब शासन की ओर लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत ऑनलाइन कामकाज के तहत प्रकरणों का निपटारा 15 दिन से 45 दिनों में करने के निर्देश हैं। तब संसाधन नहीं होगा तो काम कैसे होगा। लेकिन राज्य सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। राजस्व कार्यालय में पक्षकार भटकते रहे। उन्हें 20 दिन बाद की पेशी की तारीख दी जा रही है। दो दिन की हड़ताल में तहसील कार्यालय में फाइलों के ढेर लग गए हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *