नीमच में जावद जनपद पंचायत सीईओ आकाश धारवे (32) के अपहरण मामले में तहसीलदार जगदीश रंधावा, पांच पटवारी समेत 12 आरोपियों को आरोपी बनाया गया है। छह लोगों को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। रास्ते में जनपद सीईओ धारवे से आरोपी कहते रहे कि एक करोड़ रुपए दो या युवती से शादी करो। पुलिस को चकमा देने के लिए आरोपी गाड़ी को गांव के रास्ते इंदौर रूट पर ले गए। 20 पुलिसकर्मियों ने दो गाड़ियों से 147 किलोमीटर तक आरोपियों का पीछा किया। करीब चार घंटे बाद नागदा में सीईओ को किडनैपर्स के चंगुल से छुड़ा लिया। दैनिक भास्कर ने जनपद सीईओ धारवे से बात कर पूरा घटनाक्रम जाना। उन्होंने बताया कि आरोपी उन्हें कैसे ले गए। पुलिस से बात कर जाना कि आखिर कैसे सीईओ को किडनैपर्स से छुड़ाया? सीईओ बोले- मुझसे एक करोड़ रुपए मांगे थे
जनपद सीईओ आकाश धारवे ने बताया, गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे मैं अपने बड़े भाई सुरेश धारवे और परिवार के साथ क्वार्टर से गांव गंगधार जाने के लिए गाड़ी से निकला था। घर से करीब 500 मीटर दूर गोमा बाई रोड पर पहुंचे थे। अचानक एक स्कॉर्पियो ने ओवरटेक किया और मेरी गाड़ी के आगे खड़ी हो गई। थोड़ा आगे दूसरी गाड़ी खड़ी थी। दोनों गाड़ियों से करीब 10 लोग उतरे। उन्होंने जबरने मुझे गाड़ी से उतारा और मारपीट करने लगे। मुझे अपनी गाड़ी में बैठा लिया। वे मुझे मंदसौर, नागदा होते हुए गांव ले जाने वाले थे। आरोपियों को लगा कि मुख्य मार्ग से जाएंगे, तो पुलिस पकड़ लेगी। इस कारण नीमच के जावद में ग्रामीण रास्तों से होते हुए मंदसौर की तरफ निकल पड़े। ताकि पुलिस को लगे कि ये लोग राजस्थान चले गए हैं। एक गाड़ी में तहसीलदार जगदीश रंधावा और पांच पटवारी थे। वहीं, दूसरी गाड़ी में अन्य लोग थे। रास्ते भर जगदीश यही कहता रहा कि एक करोड़ रुपए दो या फिर युवती से शादी करो। पुलिस ट्रैक न कर सके, इसलिए मोबाइल भी स्विच ऑफ कर दिया। रास्ते में मारपीट भी की। बात नहीं मानने पर जान से मारने की धमकी दी। तीन गाड़ियों से 20 पुलिसकर्मी करते रहे पीछा
घटना के तुरंत बाद जनपद सीईओ धारवे के बड़े भाई सुरेश धारवे ने जावद पुलिस को सूचना दी। पुलिस एक्टिव हो गई। एएसपी नवल सिंह सिसोदिया के निर्देश पर 30 पुलिसकर्मियों की तीन टीम बनाई गई। इनमें दो टीम आरोपियों का पीछा करती रहीं। वहीं, साइबर सेल के 10 पुलिसकर्मी लगातार नजर रखे रहे। एएसपी ने बताया कि मंदसौर, रतलाम, जावरा, बड़नगर समेत उज्जैन, नागदा पुलिस को भी सूचना दी गई। पांच जगह नाकाबंदी की गई। नीमच पुलिस की दोनों टीमें दो गाड़ियों से सीईओ धारवे की तलाश में निकल पड़ीं। लोकेशन के आधार पर लगातार पीछा कर रही थी। चारों तरफ नाकेबंदी भी कर दी गई थी। आरोपियों की लोकेशन मंदसौर में मिली, लेकिन पुलिस पकड़ नहीं पाई। अगली लोकेशन नागदा में मिली। इसके बाद नागदा पुलिस को भी अलर्ट कर दिया। बेरिकेड्स लगा दिए गए। पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में खड़े हो गए। काले रंग की स्कॉर्पियो आती दिखी। पुलिसकर्मियों ने गाड़ी रुकवाई। मौके पर नीमच पुलिस भी पहुंच गई। देखते ही देखते वहां भीड़ जमा हो गई। आरोपियों की चंगुल से सीईओ को छुड़वाया। एएसपी नवल सिंह सिसोदिया कंट्रोल रूम से मॉनिटरिंग करते रहे। दोनों की शादी कराना चाहता था तहसीलदार
दरअसल, सीईओ आकाश धारवे की गांव की युवती से साल 2015 में स्कूल के समय से दोस्ती थी। दोनों एक ही समुदाय के हैं। आकाश प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने लगे। इस बीच दोनों की बातचीत भी बंद हो गई। नौकरी लगने के बाद दोनों फिर संपर्क में आए। बाद में ब्रेकअप भी हो गया। जगदीश रंधावा इसी युवती का भाई है। इसी को लेकर वह नाराज था। वह दोनों की शादी करवाना चाहता था। एक दिन पहले सीईओ के घर पहुंचकर किया था हंगामा
धारवे ने बताया कि घटना के एक दिन पहले बुधवार को आधी रात नीमच स्थित बंगले पर के घर बेटमा तहसीलदार जगदीश रंधावा समेत करीब 12 लोग पहुंचे। यहां गाली-गलौज कर हंगामा भी किया। वह अपनी बहन से विवाह संबंधी बातचीत के लिए आया था। यहां जब बात नहीं बनी तो सीईओ के साथ मारपीट की। इस दौरान नीमच कैंट पुलिस मौके पर पहुंची। मामले को शांत करवाया। हालांकि सीईओ ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई। इधर, घटना के बाद इंदौर कलेक्टर ने बेटमा के तहसीलदार जगदीश सिंह को फील्ड से हटाकर भू-अभिलेख शाखा में पदस्थ कर दिया है। मामले से जुड़ी मूल खबर पढ़िए… नीमच में तहसीलदार ने किया जनपद पंचायत सीईओ का अपहरण नीमच में कुछ लोगों ने जावद जनपद पंचायत के सीईओ आकाश धारवे (32) का अपहरण कर लिया। वे उन्हें काली स्कॉर्पियो में जबरन बैठाकर इंदौर की तरफ भागे। नागदा में उज्जैन और नीमच पुलिस ने घेराबंदी कर सीईओ को छुड़ाया। इस मामले में बेटमा तहसीलदार जगदीश रंधावा, 5 पटवारी, एक महिला समेत 13 के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पढ़ें पूरी खबर


