ग्वालियर, जो ‘सिटी ऑफ म्यूजिक’ के नाम से जाना जाता है। संगीत सम्राट तानसेन की जन्मस्थली बेहट में स्थित उनकी प्रतिमा बदहाल स्थिति में है। प्रतिमा के चेहरे और कानों के कुंडल को अज्ञात असमाजिक तत्वों ने तारों से बांध दिया है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। नवरत्नों में शामिल रहे तानसेन अकबर के नवरत्नों में शामिल रहे विश्व विख्यात संगीत सम्राट तानसेन की यह प्रतिमा ग्वालियर के बेहट चौराहे पर स्थापित है। स्थानीय लोगों द्वारा बनाए गए वीडियो में प्रतिमा की टूटी छतरी, क्षतिग्रस्त तंबूरा और चेहरे-कानों के कुंडल पर बंधे तार स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। प्रतिमा का लोकार्पण पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया था। तानसेन समारोह पर लाखों किए जाते खर्च कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार ने इस दुर्दशा पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि तानसेन के नाम पर संस्कृति और साहित्य का केवल दिखावा किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि तानसेन समारोह पर लाखों खर्च किए जाते हैं, लेकिन उनकी प्रतिमा की देखभाल नहीं की जाती क्योंकि उनके नाम पर वोट नहीं मिलते। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतिमा स्थल पर न तो नियमित साफ-सफाई होती है और न ही कोई इसकी देखभाल करता है, जबकि पर्यटन और संस्कृति विभाग हर साल तानसेन समारोह पर लाखों रुपए खर्च करता है।


