तापमान में गिरावट के साथ ही हार्ट अटैक के मरीज भी बढ़ गए हैं। दिन के तापमान में सामान्य से 3-4 डिग्री की गिरावट चल रही है। ऐसे में बुजुर्गों के केस बढ़ रहे हैं और एक हॉस्पिटल में रोजाना 4-5 केस आ रहे हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार इस समय हवा बहुत ठंडी चल रही है। इस मौसम में तापमान की गिरावट, धुंध में बढ़ोतरी होने के साथ बीपी में इजाफा होता है। वहीं डाइट में भी इस मौसम में घी, ड्राई फ्रूट, मक्खन, नमक, चीनी ज्यादा शामिल होती है। इसके कारण ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। बीपी बढ़ने से दिल का दौरा और स्ट्रोक पड़ने का खतरा बढ़ रहा है। एक्सपर्ट्स के अनुसार इस दौरान बीपी पर खास नजर रखी जाए और रैगुलर जांच करते रहें।बुजुर्गों को बीपी की दवाई भी लगातार लेनी चाहिए। डाइट का खास ख्याल रखें और ज्यादा घी, मक्खन, ड्राई फ्रूट वाली डाइट से परहेज करें। मॉर्निंग वॉक से भी परहेज करना चाहिए। हालांकि धूप भी कम निकल रही है। लेकिन जब हल्का मौसम खुले तभी बाहर निकलें। ताकि ठंडी हवा से सामना न हो। एमरजेंसी किट बना कर रखें, बहुत ज्यादा ठंड में घर से बाहर न निकलें ये हो सकते हैं लक्षण…


