छतरपुर में शासकीय तालाबों पर अवैध कब्जे और मछली माफियाओं के खिलाफ रैकवार समाज ने विरोध प्रदर्शन किया। युवा रैकवार समाज के बैनर तले समाज के सदस्यों ने पैदल मार्च निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। युवा रैकवार समाज के नेतृत्व में बड़ी संख्या में समाजजन पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। समाज ने ज्ञापन के माध्यम से शासकीय तालाबों से अवैध कब्जे हटाने, मछली माफियाओं पर कार्रवाई करने और मत्स्य पालन से जुड़ी समितियों की जांच की मांग की। शासकीय तालाबों पर अवैध कब्जे का आरोप रैकवार समाज का आरोप है कि छतरपुर जिले के कई शासकीय तालाबों पर अवैध कब्जा किया गया है, जिससे पारंपरिक मछुआरों को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। समाज ने आरोप लगाया कि कुछ मछली पालन से जुड़ी समितियां नियमों को दरकिनार कर अपात्र लोगों को लाभ पहुंचा रही हैं, जिससे वास्तविक मछुआरा समाज को नुकसान हो रहा है। सभी तालाबों की निष्पक्ष जांच की मांग ज्ञापन में जिले के सभी शासकीय तालाबों की व्यापक और निष्पक्ष जांच कराने, अवैध कब्जे तुरंत हटाने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई। रैकवार समाज ने प्रशासन को एक माह के भीतर कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दिया है। रैकवार समाज के नेता एवं वार्ड पार्षद दिलीप (पल्ली) रैकवार ने चेतावनी दी कि यदि एक माह में ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो समाज शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक आंदोलन करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।


