शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी एग्जाम (CTET) में सिख परीक्षार्थियों के कड़े उतरवाने के मामले का कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने इस घटना की जांच के निर्देश दिए हैं। यह मामला बठिंडा के गांव भोखरा स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल में बने एग्जाम सेंटर में सामने आया, जहां सिख परीक्षार्थियों को परीक्षा देने से पहले अपने कड़े उतारने पड़े। एडवोकेट धामी ने इस कृत्य को सिख विरोधी मानसिकता का परिचायक बताया और कहा कि इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। एडवोकेट धामी ने कहा कि पंजाब एक सिख बहुल क्षेत्र है, जहां कड़ा सिखों के अभिन्न अंग के रूप में जाना जाता है। इसके बावजूद परीक्षार्थियों से कड़े उतरवाने की यह कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सवाल उठाया कि गुरुओं की धरती पंजाब में ऐसी हरकतें किसके इशारे पर हो रही हैं और क्या पंजाब सरकार इसे मंजूरी दे रही है। SGPC अध्यक्ष ने घोषणा की कि इस गंभीर मामले की गहनता से जांच की जाएगी और कार्रवाई के लिए श्री अकाल तख्त साहिब को पत्र लिखा जाएगा। जांच के लिए गुरुद्वारा श्री हाजीरतन साहिब बठिंडा के मैनेजर श्री दर्शन सिंह, सब-ऑफिस तलवंडी साबो इंचार्ज श्री भोला सिंह और प्रचारक सिंहों की ड्यूटी लगाई गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। एडवोकेट धामी ने पंजाब के लोगों से भी अपील की कि वे ऐसी घटनाओं का मौके पर ही विरोध करें। उन्होंने कहा कि किसी भी सिख विरोधी हरकत को चुनौती दी जानी चाहिए और हर सिख का कर्तव्य है कि वह ऐसे संदर्भों में अपनी बात रखे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसी हरकतों को चुपचाप स्वीकार किया जाता रहा, तो सिख विरोधी तत्वों का दुस्साहस बढ़ेगा।


