अमृतसर| अटारी-बाघा बॉर्डर पर शुक्रवार को केंद्र सरकार ने मानवता के आधार पर 3 पाकिस्तानी कैदियों को रिहा कर उन्हें उनके वतन वापस भेज दिया। इन कैदियों में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के रहना वाला मुहम्मद इकबाल भी शामिल है, जो लगभग 30 साल की कैद के बाद अपने घर गया। मुहम्मद इकबाल 18 वर्ष की उम्र में गुरदासपुर में 10 किलोग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। अदालत ने उसे 30 साल की सजा सुनाई थी। सजा पूरी करने के बाद केंद्र सरकार ने उसे रिहा कर दिया। प्रोटोकॉल अधिकारी अरुण माहल ने बताया कि जिन तीन पाकिस्तानी कैदियों को रिहा किया गया है, उनमें 2 राजस्थान की जेलों से और एक दिल्ली पुलिस की हिरासत से लाए गए हैं। सभी की कस्टम, इमिग्रेशन और दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी कर उन्हें वाघा बार्डर पर पाक रेंजर्स के हवाले किया गया।


