तीन विधायकों के स्टिंग ऑपरेशन को लेकर सवाल के सवाल पर राजस्थान सरकार वित्त आयोग अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने कहा- ह गंभीर विषय है। पार्टी ने वह सरकार ने दोनों ने गंभीरता से लिया है प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इस विषय पर कमेटी बनाकर तुरंत जांच शुरू कर दी है। विधानसभा में सदाचार कमेटी ने भी अपना काम शुरू कर दिया है नोटिस देकर विधायकों को बुला लिया है लोकतंत्र में इसको कोई भी स्वीकार नहीं कर सकता जनप्रतिनिधि उनका एक दायित्व है की जो विधायक कोष का पैसा मिला है वह इसलिए मिला है कि आपके माध्यम से जनता के हितार्थ खर्च हो। विधायक खुद के लिए खर्च करें इसको स्वीकार नहीं करते है। चतुर्वेदी शनिवार को टोंक आए थे। जहां सरकार के 2 साल पूरे होने पर प्रेस वार्ता की और सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। टीचरों के ट्रांसफर को लेकर बात की चतुर्वेदी ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के ग्रेड थर्ड के टीचरों के ट्रांसफर नहीं होने के बयान पर सहमति जताते हुए कहा- इनके ट्रांसफर जिले से बाहर नहीं होते हैं। इनके नियुक्ति आदेश में ही स्पष्ट है। लेकिन सरकार भी चाहती है कि जरूरतमंद टीचरों के ट्रांसफर हो, इसके लिए सरकार कोई रास्ता निकालने का प्रयास कर रही है। जरूरत से ज्यादा यूरिया ले जा रहे यूरिया उर्वरक की किल्लत को लेकर अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि जिनको चार बैग की जरूरत है। वे 8 बैग खरीद रहे हैं। इस वजह से यह किल्लत बनी हुई है। इसके बावजूद भी राज्य सरकार केंद्र सरकार से व केंद्रीय मंत्री से बात कर इसका समाधान किया जा रहा है। यूरिया उर्वरक की बराबर सप्लाई हो रही है। किल्लत जैसी कोई बात नहीं है। हम 4 चपाती ज्यादा रख लेते हैं अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि कभी हम कहीं खाना खाने जाते हैं। लोग ज्यादा होते हैं तो खाना खाने वाले चार चपाती की जगह 8 चपाती रख लेते हैं कि दोबारा नहीं लेना पड़े। इस वजह से यह समस्या उत्पन्न हुई है। अरुण चतुर्वेदी ने कहा राज्य की डिमांड के अनुसार उर्वरक की सप्लाई केंद्र सरकार द्वारा की जारी है। लेकिन उसके बावजूद भी अगर किल्लत हो रही है तो उसको लेकर भी सरकार जांच कर रही है। कांग्रेस के समय भी हुआ था SIR अरुण चतुर्वेदी ने SIR को लेकर कहा कि चुनाव आयोग ने अपना काम तथ्यों के आधार पर किया है। चुनाव आयोग ने कहा है कि जो मृतक है उनके नाम हटने चाहिए। जो व्यक्ति एक स्थान से दूसरे स्थान पर चले गए हैं। तो उनके नाम भी एक स्थान पर ही रहने चाहिए दोनों जगह नहीं रहने चाहिए। उसका तय मतदाता कोई करना है कि वह अपना नाम कहां रखना चाहता है। जिनका नाम इस सूची में नहीं है वह अपना रिप्रेजेंटेशन दे सकते हैं। फॉर्म 06 भर कर दे सकते हैं। कोई किसी भी प्रकार की तकनीकी कमी हो तो उसका पूरा कर सकता है। एस आई आर को लेकर कांग्रेस पार्टी पर भी अरुण चतुर्वेदी ने निशाना साधा है। अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि चुनाव आयोग ने इससे पहले भी एस आई आर किया था। कांग्रेस के शासन के समय भी एस आई आर हुई थी। लेकिन कांग्रेस को उस वक्त कोई आपत्ति नहीं थी। लेकिन अब आपत्ति है। कांग्रेस को इस सोच से बाहर निकलना चाहिए कि मैं करूं तो वह सब सही दूसरा करें तो वह गलत यह सोच कांग्रेस पार्टी की है। कांग्रेस को यह तुष्टीकरण की नीति छोड़नी चाहिए। अरावली पर्वत माला के मुद्दे को लेकर कहा कि इसे काग्रेस बेवजह मुद्दा बना रही है। यह राजस्थान ही नहीं चार राज्यों का मामला है।


