भीलवाड़ा | माधव गो विज्ञान अनुसंधान संस्थान की ओर से नौगांवा में संचालित माधव गोशाला परिसर के सांवलिया सेठ मंदिर से शुक्रवार सुबह गाजेबाजे के साथ तुलसी से विवाह रचाने के लिए ठाकुरजी की बारात चित्तौड़गढ़ के लिए रवाना हुई। मधुवन कॉलोनी में ठाकुरजी और माता तुलसी का विधि-विधान से विवाह कराया गया। भीलवाड़ा से चित्तौड़गढ़ तक पूरे रास्ते भगवान की बारात पर श्रज्ञद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा की गई। ढोल-नगाड़े की थाप पर इस अलौकिक बारात में बाराती बने श्रद्धालु व सांवलिया सेठ के भक्त नाचते-गाते चलते रहे। इस दौरान पारंपरिक शादियों में होने वाली सभी तरह की रस्में जैसे द्वार पूजा, द्वार छेकाई और जयमाला आदि भी की गई। बारात में शामिल भक्तों व श्रद्धालुओं के साथ ही अन्य लोगों के लिए प्रतिभोज की भी व्यवस्था की गई। मंदिर व्यवस्था प्रबंंधन प्रमुख गोविंदप्रसाद सोडानी ने बताया कि चित्तौड़गढ़ में ओमप्रकाश, रामनारायण, झकलाल, मनोहर, कैलाश सुखवाल ने हाथीकुंड के पास मधुवन में ठाकुरजी का तुलसी माता के साथ विवाह कराया। विदाई के बाद तुलसीजी संग ठाकुरजी पुनः नौगांवा सांवरिया सेठ मंदिर पहुंचे।


