छत्तीसगढ़ के गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में तेंदूपत्ता संग्रहण सीजन 2025 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मड़ना काष्ठागार परिसर में गुरुवार को शाखकर्तन के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिले में इस साल 22 हजार मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार ने संग्राहकों के हित में बड़ा फैसला लिया है। तेंदूपत्ता संग्रहण दर को 4000 रुपए से बढ़ाकर 5500 रुपए कर दिया गया है। शाखकर्तन का दर भी 15 रुपए से बढ़ाकर 70 रुपए प्रति मानक बोरा किया गया है। बता दें कि जिले में 32,500 तेंदूपत्ता संग्राहक हैं। इन संग्राहकों को 12 करोड़ 10 लाख रुपए से अधिक का भुगतान किया जाएगा। शाखकर्तन करने वाले श्रमिकों को भी बढ़ी हुई दर से लगभग 15 लाख 40 हजार रुपए मिलेंगे। शाखकर्तन का कार्य एक सप्ताह में पूरा कर लिया जाएगा। कार्यशाला में वनमंडलाधिकारी रौनक गोयल, उप वनमंडलाधिकारी आर.के. सिदार, उप प्रबंध संचालक एस.ए. खान और जिला यूनियन के उपाध्यक्ष शिवराम सिंह मार्को मौजूद रहे। इसके अलावा 16 लघु वनोपज समितियों के प्रबंधक और 186 फड़ों के फड़मुंशी भी शामिल हुए। कार्यशाला में तेंदूपत्ता शाखकर्तन से लेकर भंडारण तक की विस्तृत जानकारी दी गई।


