रायपुर केंद्रीय जेल के भीतर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। जेल में बंद एक विचाराधीन बंदी (दुष्कर्म) का रविवार शाम पेड़ पर फंदे से लटका हुआ शव मिला। बंदी दो माह से जेल में बंद था। जेल प्रबंधन का दावा है कि बंदी ने खुदकुशी की है और जेल के भीतर लगे कैमरों में यह घटना सीसीटीवी फुटेज में कैद है। वहीं, परिजन का आरोप है कि बंदी को जेल में लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। उसके साथ मारपीट की जाती थी और मानसिक रूप से भी प्रताड़ित किया जा रहा था। बंदी की हत्या कर शव को पेड़ पर लटकाया गया है। यही नहीं परिजन को बिना कोई जानकारी दिए ही बंदी को अस्पताल ले गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कैलाशपुरी निवासी सुनील महानंद उर्फ छोटू (30) मारवाडी श्मशान घाट का कर्मचारी था। उसके दो बच्चे हैं। सुनील के खिलाफ उसके ही परिचित 15 साल की बच्ची ने पोस्को और छेड़खानी की रिपोर्ट टिकरापारा थाना में दर्ज कराई थी। इस मामले में टिकरापारा पुलिस ने 1 नवंबर 2025 को सुनील को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तब से वह जेल में बंद था। जेल प्रबंधन का दावा है कि सुनील के साथ कोई प्रताड़ना नहीं हुई। सीसीटीवी फुटेज में वह बैरक से निकलकर शाम को अकेले पेड़ की ओर जाता दिख रहा है और उसने खुदकुशी की है। दूसरी ओर, बंदी की मौत के मामले में जेल प्रबंधन ने प्रहरी उल्लास वर्मा को निलंबित कर दिया है। रविवार शाम उल्लास की ड्यूटी थी। इसी दौरान बंदी ने खुदकुशी की। आरोप है कि उल्लास ने ड्यूटी में लापरवाही बरती। यदि वह ठीक से ड्यूटी करता तो बंदी की मौत नहीं होती। जेल के भीतर पैसा छीन लेते हैं : सुनील की बहनों ने बताया कि वह दो माह से जेल में बंद था। वे उससे मिलने जेल आते थे। सुनील ने कई बार बताया था कि उसे प्रताड़ित किया जा रहा है। उसे तीन स्वेटर और 5-6 जोड़ी कपड़े भी दिए गए थे। खाने-पीने का सामान भी दिया गया, लेकिन वह सुनील तक नहीं पहुंचाया गया। जेल के कर्मचारी उसे छीन लेते थे। जेल के भीतर यूपीआई के माध्यम से पैसा भी भेजा गया, जो सुनील को नहीं दिया गया। उनके पास ट्रांजेक्शन का विवरण है। सुनील को जेल में प्रताड़ित किया जा रहा था: परिजन
इस घटना की जानकारी मिलते ही सोमवार की सुबह मृतक के परिजन, समाजजन और मोहल्लेवासी जेल पहुंचे। कुछ देर बाद कांग्रेसी भी वहां पहुंच गए। सभी जेल के गेट पर धरने पर बैठ गए और जेल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा करने लगे। मजिस्ट्रियल जांच शुरू होने के बाद परिजन वहां से हटे। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। देर शाम मृतक का अंतिम संस्कार किया गया। सुनील की मौत की सूचना मिलते ही उसकी पत्नी ललिता महानंद बेहोश होकर गिर गई। परिजनों ने किसी तरह उसे संभाला। ललिता का आरोप है कि जेल के भीतर सुनील को प्रताड़ित किया जा रहा था और उसके साथ मारपीट भी की गई। उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। वह कभी खुदकुशी नहीं कर सकता। मजिस्ट्रियल जांच चल रही
जेल में लगे कैमरों में बंदी अकेले पेड़ की ओर जाते हुए दिख रहा है। उसने गमछे से खुदकुशी की। इस मामले की मजिस्ट्रियल जांच चल रही है। मजिस्ट्रेट ने सीसीटीवी कैमरे सुरक्षित कर लिए हैं।
योगेश क्षत्रिय, अधीक्षक, रायपुर जेल जांच, फिर आगे की कार्रवाई
बंदी की मौत की मजिस्ट्रियल जांच चल रही है, इसलिए इस मामले में पुलिस जांच नहीं करेगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
तारकेश्वर पटेल, एएसपी सिटी रायपुर


