मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विकसित भारत जी रामजी अधिनियम–2025 को लेकर कांग्रेस के विरोध पर तीखा हमला बोला है। पत्रकारों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी का नाम हमने नहीं, बल्कि कांग्रेस ने खुद छोड़ा है। आज देशभर में सड़कें, भवन, योजनाएं और हवाई अड्डे किसी एक परिवार के नाम से है, न कि महात्मा गांधी के नाम पर। गांधी के नाम पर कांग्रेस ने कभी गंभीर पहल नहीं की। ऐसे में रामजी योजना को लेकर कांग्रेस का विरोध केवल दिखावा है। रामजी भेजना पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार को देनी है। इससे आर्थिक बोझ जरूर बढ़ेगा लेकिन एक जिम्मेदारी भी आएगी। इससे राज्यों की योजना में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। उन्होंने फ्री बीज पर कहा कि गैर-एनडीए शासित राज्यों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है। कई ऐसे राज्य हैं जिन्हें कर्मचारियों का वेतन देने में दिक्कत हो रही है। जबकि एनडीए शासित राज्यों में वित्तीय अनुशासन बना हुआ है। मुख्यमंत्री ने मनरेगा का उल्लेख करते हुए कहा कि यूपीए सरकार के दौरान इस योजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ। संसद में ग्रामीण विकास मंत्री द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार मनरेगा को लेकर देशभर से 10 लाख से शिकायतें आईं। कई जगह मजदूरों की जगह मशीनें चलाई गईं, फर्जी मस्टर रोल बने और बिना काम भुगतान किया गया। रामजी योजना को बेहतर बनाया गया है। यह किसान, मजदूर और गरीबों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। साय ने कहा कि कि जहां मनरेगा में ग्रामीण परिवारों को 100 दिन का रोजगार मिलता था, वहीं अब इस अधिनियम के तहत 125 दिनों के सुनिश्चित रोजगार की कानूनी गारंटी दी जाएगी, जिससे मजदूरों की आय में स्वाभाविक बढ़ोतरी होगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मजदूरी भुगतान सात दिनों के भीतर अनिवार्य होगा। तय समय में भुगतान नहीं होने पर मजदूर को अतिरिक्त राशि दी जाएगी, जिसे ब्याज के रूप में माना जाएगा। इससे मजदूरों को न्याय मिलेगा और भुगतान में देरी की समस्या समाप्त होगी।
जी राम जी योजना से खत्म होगी धांधली, ग्रामीण विकास को मिलेगी नई दिशा
सीएम ने कहा कहा कि मनरेगा में पहले फर्जी मस्टर रोल, मशीनों के उपयोग और धांधली की लगातार शिकायतें मिलती थीं, जिन्हें विकसित भारत जी राम जी अधिनियम स्वतः समाप्त करेगा। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम से पारदर्शिता बढ़ेगी और वास्तविक मजदूरों को सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के तहत जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, आपदा सुरक्षा और आजीविका संवर्धन पर विशेष फोकस रहेगा।


