जयपुर में थार की टक्कर युवक को कुचलने वाली महिला क्रिकेटर को जमानत मिल गई है। इससे मृतक युवक पारस व्यास के परिवार में गुस्सा का है। पारस के पिता ने महिला क्रिकेटर भव्या चौधरी की जमानत पर आपत्ति जाहिर करते हुए कहा कि हमारा बच्चा चला गया, पुलिस ने उसे (भव्या चौधरी) जमानत दे दी। भविष्य में फिर वो थार उठाएगी, चलाएगी और किसी और पारस को टक्कर मारेगी। क्या यह ऐसी ही चलता रहेगा। मैं न्याय चाहता हूं। मुझे मेरे बच्चे, परिवार और समाज के लिए न्याय चाहिए। दरअसल, महिला क्रिकेटर भव्या चौधरी मंगलवार रात (2 दिसंबर) थार चलाते हुए विधानसभा की तरफ से गुजरी थी। तब तेज स्पीड में दो बाइक और स्कूटी को टक्कर मार दी। स्कूटी पर सवार पारस व्यास (23) की मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस ने थार को जब्त कर लिया था। वहीं टक्कर मारने के बाद महिला क्रिकेटर भाग गई थी। मामले में 3 दिसंबर को ही महिला क्रिकेटर को जमानत दे दी गई थी, जिस पर पारस के पिता ने सवाल उठाए है। अब तक मां-बेटी सामने नहीं आई
मृतक पारस व्यास के पिता मुकेश कुमार शर्मा ने बताया- पुलिस ने हमें बताया था कि थार प्रिया चौधरी के नाम से रजिस्टर्ड है लेकिन उन्होंने इसे बेच दिया था। बाद में ये जानकारी झूठी निकली। यह गाड़ी बेची नहीं गई थी। प्रिया चौधरी की बेटी भव्या चौधरी ही गाड़ी चला रही थी। आरोपी को पुलिस ने कब हिरासत में लिया। इसकी जानकारी तक नहीं लगने दी गई और केवल 2 घंटे में जमानत दे दी गई। पिता का आरोप है कि पुलिस जांच प्रभावित की जा रही है। अब तक दोनों मां-बेटी सामने नहीं आई है। दोनों की ओर से केस को खत्म करने का काम किया जा रहा है। अब तक हमनें प्रिया चौधरी और भव्या चौधरी को पुलिस थाने में या कहीं नहीं देखी। किस पावर के तहत उनको छुपाया जा रहा है। हमें इस बात का जवाब चाहिए। हमारा बच्चा खोया है, हमें न्याय दिलाया जाए। महिला क्रिकेटर को 3 दिसंबर को जमानत पर छोड़ा
जांच अधिकारी राजेंद्र सिंह ने बताया- 3 दिसंबर को भव्या को इस मामले में जमानत मिल गई। पूछताछ में भव्या चौधरी ने पुलिस को बताया कि वह क्रिकेट खेलती हैं और आरसीए अकादमी जा रही थी। उसने सिर्फ एक कार को ही टक्कर मारी। वहीं प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एसयूवी तेज रफ्तार में थी। स्कूटी को टक्कर मारने के बाद दो अन्य कारों से भी भिड़ी और लगभग 50-60 मीटर तक उन्हें घसीटते ले गई। भव्या की थार गाड़ी की रफ्तार भी 80 से 100 किलोमीटर प्रतिघंटा थी। वकील बोले- पुलिस ने कमजोर धारा में मामला दर्ज किया
सीनियर एडवोकेट एके जैन ने कहा- पुलिस ने कमजोर धाराओं में भारतीय न्याय संहिता (बी एन एस) 2023 की धारा 281, धारा 106 (1), धारा 125 (a), मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 134 और धारा 187 में मुकदमा दर्ज किया है। एक युवक की जान चली गई। इसके बाद भी जमानत दे दी गई। वकील का कहना है कि पुलिस को धारा 105 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाना था। तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने का मतलब है,जानबूझकर किसी की हत्या करना है। उन्होंने कहा कि साधारण दुर्घटना के अलावा इसे सदोष मानव-वध के प्रयास का मामला भी दर्ज करना चाहिए था जो कि गैरजमानती है बल्कि उसमें गंभीर सजा के भी प्रावधान है। क्या कहती है धारा 105
धारा 105 भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत गैर-इरादतन हत्या के अपराध के लिए दंड का प्रावधान करती है। इसमें आजीवन कारावास या 5 से 10 साल की जेल और जुर्माने की सज़ा हो सकती है। हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए- शादी तय होने के 1 दिन बाद एक्सीडेंट में मौत:लॉ स्टूडेंट था, म्यूजिक बैंड में सिंगर भी; महिला क्रिकेटर की थार ने मारी थी टक्कर जयपुर में महिला क्रिकेटर की थार की टक्कर से 23 साल के पारस की मौत हो गई। एक हंसते-खेलते परिवार का चिराग बुझ गया। (पढ़िए पूरी खबर)


