थोक में ~150 किलो करेला, खुदरा में इतने पैसे में मिल रहा एक पाव

सिटी एंकर शहर के बाजारों में इन दिनों नई सब्जियों की आमद तो शुरू हो गई है, लेकिन कम आवक और ऊंचे दामों ने ग्राहकों की परेशानी बढ़ा दी है। खासकर करेला और परवल की कीमतें लोगों को हैरान कर रही है। हाल यह है कि ये सब्जियां खुदरा दुकानों पर मुश्किल से नजर आ रही है और जहां कहीं मिल भी जाएं, वहां 400 से 500 रुपए प्रति किलो तक कीमत बताई जा रही है। दुंदीबाद थोक सब्जी मंडी में करेला 150 रुपए प्रति किलो के भाव बिक रहा है। बुधवार को भी यही दर रही। जबकि खुदरा दुकानदार इसी करेला को 150 रुपए में मात्र एक पाव बेच रहे हैं। इसका सबसे ज्यादा असर डायबिटिक मरीजों पर पड़ रहा है, जिनके लिए करेला जरूरी सब्जी मानी जाती है। महंगे दामों के कारण कई दुकानदारों ने पिछले कई दिनों से करेला और परवल मंगाना ही बंद कर दिया है। लेकिन प्रशासनिक नजर इस ओर नहीं है। कम आवक से करेला के भाव में तेजी थोक कारोबारी प्रभु साव ने बताया कि फिलहाल बाजार में करेला ओडिशा से आ रहा है। जबकि परवल की आवक पश्चिम बंगाल से बहुत कम मात्रा में हो रही है। उन्होंने कहा कि बोकारो में इससे पहले करेला की ऐसी कमी नहीं देखी गई। जुलाई-अगस्त में लगातार हुई बारिश से फसल खराब हुई, जिससे आवक घट गई और दाम तेज हो गए। हालांकि उनका मानना है कि खुदरा में चार गुना कीमत पर बिक्री करना उचित नहीं है। कटहल, सहजन और भिंडी भी कर रही जेब ढीली इन दिनों बाजार में कटहल, सहजन, भिंडी जैसी नई सब्जियों की आवक शुरू हो चुकी है, लेकिन कीमतें अभी ऊंची बनी हुई हैं। खुदरा बाजार में कटहल 80 से 120 रुपए प्रति किलो, सहजन 150 से 180 रुपए प्रति किलो और भिंडी 100 से 120 रुपए प्रति किलो बिक रही है। राहत की बात यह है कि फूलगोभी, पत्तागोभी, टमाटर, आलू और प्याज के दाम सामान्य है। फूलगोभी 20 से 50 रुपए प्रति पीस, पत्तागोभी 20 से 30 रुपए प्रति किलो और टमाटर 30 रुपए प्रति किलो के भाव बिक रहा है। 20 दिन बाद बढ़ेगी आवक, तब कम होंगे भाव थोक कारोबारी प्रभु साव के अनुसार करेला की खेती साल में दो बार होती है। गर्मियों की फसल के लिए जनवरी से मार्च और बरसात की फसल के लिए जून-जुलाई में बुआई की जाती है। करीब दो महीने बाद तुड़ाई शुरू होती है। वहीं परवल की फसल अक्टूबर-नवंबर में लगाई जाती है और फरवरी-मार्च से तुड़ाई होती है। उन्होंने बताया कि करीब 20 दिनों में करेला और परवल की नई फसल बाजार में आने लगेगी, तब दाम रोजाना गिरेंगे। बाजार में खुदरा सब्जी बेचते दुकानदार।

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