दंतेवाड़ा जिला अस्पताल ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए पहली बार एडवांस्ड टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। इस उपलब्धि के साथ अब जिले एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को जटिल हड्डी रोग संबंधी सर्जरी के लिए रायपुर, हैदराबाद, विशाखापटनम अथवा नागपुर जैसे बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह सफलता दंतेवाड़ा अंचल की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। सर्जरी की लाभार्थी कुआकोंडा ब्लाक के महारापारा निवासी 45 वर्षीय शांति हैं जो लंबे समय से दाएं घुटने के गंभीर दर्द और चलने-फिरने में कठिनाई से पीड़ित थीं। जांच में उन्हें गंभीर आस्टियोआर्थराइटिस से ग्रसित पाया गया, जिसके पश्चात 6 जनवरी को उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती किया गया। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा 13 जनवरी को उनका दाएं घुटने का टोटल नी रिप्लेसमेंट ऑपरेशन किया गया, जो पूर्णतः सफल रहा। क्षेत्र के लोगो का बढा डॉक्टरों पर भरोसा : ऑपरेशन का नेतृत्व करने वाले जिला अस्पताल के ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ. पुष्पेंद्र ने बताया कि टोटल नी रिप्लेसमेंट एक अत्याधुनिक शल्य चिकित्सा प्रक्रिया है, जिसमें क्षतिग्रस्त घुटने के जोड़ को विशेष रूप से डिजाइन किए गए कृत्रिम इंप्लांट से बदला जाता है। उन्होंने कहा कि इस तकनीक से मरीज को लंबे समय से चले आ रहे दर्द से राहत मिलती है और उनकी गतिशीलता में उल्लेखनीय सुधार होता है। जिला अस्पताल की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रियंका ने बताया कि दंतेवाड़ा जैसे भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण और आदिवासी बहुल क्षेत्र में इस स्तर की सर्जरी का सफल होना एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी जिला अस्पताल में उन्नत चिकित्सकीय सेवाओं का विस्तार किया जाएगा, ताकि आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार अपने जिले में ही मिल सके और उन्हें आर्थिक व मानसिक बोझ से बचाया जा सके।


