दंतेवाड़ा बाईपास निर्माण में देरी, वन ​विभाग से एनओसी नहीं मिल पाई

जिले में बांगा बाड़ी से गीदम के बीच बन रही बाईपास सड़क का काम पूरा हो गया है, पर 300 मीटर सड़क का काम रुक गया है। पूरा बाईपास 10.5 किलोमीटर का है सड़क का काम 300 मीटर छोड़कर पूरा हो गया है। यह क्षेत्र फारेस्ट का होने के चलते यहां सड़क निर्माण अब विभाग नहीं कर पा रहा है। 3 साल से इस बाईपास का निर्माण चल रहा है पर पीडब्ल्यूडी विभाग फारेस्ट से एनओसी नहीं ले पाया जिसकी वजह से सड़क का काम पूरा नहीं हो पा रहा है। सड़क बनाने से पहले ही डीपीआर तैयार किया जाता है जिसमें पता चलता है कि कौन सा क्षेत्र रेवेन्यु का और कौन सा फारेस्ट और कितनी निजी जमीन सड़क पर आ रही है। पर इस बाईपास में विभाग की लापरवाहियों के चलते पूरी सड़क का काम हो जाने के बाद अब मात्र 300 मीटर सड़क पर फारेस्ट की अड़चन सामने आ रही है। उच्च स्तरीय पुल का निर्माण भी धीमा: इसी बाईपास में बालुद में डंकिनी नदी पर उच्च स्तरीय पुल का निर्माण भी किया जा रहा है, पर पुल का निर्माण दो साल में सिर्फ अभी पुल के पिल्लर ही खड़े हो पाए हैं, विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मार्च 2026 से पहले पुल तैयार नहीं हो पाएगा, इस पुल के बनने के बाद ही बाईपास सड़क का लाभ मिलेगा। पीडब्ल्यूडी के एसडीओ एमएन भौर्या ने कहा जल्द ही फारेस्ट से एनओसी मिल जाएगी। उसके बाद बचा हुआ काम पूरा होगा। दंतेवाड़ा में बन रहे बाईपास का जिले भर के लोग इंतजार कर रहे हैं पर अभी इस सड़क पर आवागमन में और 1 साल का इंतजार करना पड़ेगा। बांगा बाड़ी से गीदम के बीच बन रही बाईपास से दंतेवाड़ा शहर और गीदम शहर दोनों छूट जाएंगे। बैलाडीला, सुकमा की तरफ से जगदलपुर, रायपुर, विशाखापटनम जाने वाली वाहन इसी बाईपास से सीधे नेशनल हाइवे 63 पर निकल जाएंगी। अभी भारी वाहन दंतेवाड़ा और गीदम शहर से गुजरती हैं, दंतेवाड़ा में विकल्प के तौर पर रावनडेंग से चितालंका चौक तक बाईपास बना हुआ है, इसमें आधे शहर को ही भारी वाहनों से निजात मिलती है।

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