कोरबा वन मंडल के करतला रेंज पहुंचा एक दंतैल हाथी अब तीन हाथियों के झुंड में शामिल हो गया है। यह झुंड सक्ती रेंज की ओर बढ़ गया है। वहीं, कटघोरा वन मंडल के केंदई रेंज में घूम रहा एक अन्य दंतैल हाथी गांवों में घुसकर मकानों को नुकसान पहुंचा रहा है, जिससे ग्रामीण दहशत में हैं। यह दंतैल हाथी कटघोरा और कोरबा में लगातार तीन दिनों में तीन ग्रामीणों की मौत का कारण बनने के बाद करतला रेंज पहुंचा था। पिछले तीन दिनों से यह बड़मार क्षेत्र में झुंड में शामिल होने का प्रयास कर रहा था, लेकिन अन्य हाथी उसे भगा रहे थे। अब यह झुंड का हिस्सा बन गया है। अलग-अलग क्षेत्रों में हाथी सक्रिय कोरबा वन मंडल में अब 11 हाथी बचे हैं। इनमें से कुदमुरा रेंज के ग्राम गुरमा में एक मादा हाथी अपने बच्चों के साथ घूम रही है। करतला रेंज के चिकनीपाली जंगल में 8 हाथी मौजूद हैं, जबकि केराकछार क्षेत्र में एक दंतैल हाथी सक्रिय है। ग्राम संदरी सेंद्रीपाली में इस दंतैल हाथी ने गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचाया है और एक बाउंड्रीवॉल भी तोड़ दी है। हाथी की मौजूदगी से ग्रामीण भयभीत हैं। वन विभाग की टीमें 24 घंटे निगरानी कर रही हैं और गांवों में जाकर लोगों को जागरूक कर रही हैं। मूवमेंट के आधार पर ग्रामीणों को सतर्क कर रहा विभाग कटघोरा वन मंडल में 53 से अधिक हाथी हैं। यहां अकेला घूम रहे एक दंतैल हाथी ने ग्राम अमाटिकरा के मोहल्ले में त्रिभुवन रावत के मकान को क्षतिग्रस्त कर दिया। त्रिभुवन रावत अपने परिवार के साथ दूसरे कमरे में छिपकर रहे। इससे पहले भी इस हाथी ने फुलसर और कोरबी में मकानों को नुकसान पहुंचाया था। कोरबा के एसडीओ एस.के. सोनी ने बताया कि हाथियों की लगातार निगरानी की जा रही है और उनके मूवमेंट के आधार पर ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों के आने के बाद से उन्हें रातभर जागना पड़ रहा है और कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शाम होते ही ग्रामीण अपने घरों में लौट जाते हैं। वन विभाग की टीम हाथी प्रभावित क्षेत्रों में 24 घंटे गश्त कर रही है और हाथियों पर नजर रख रही है। ग्रामीणों को हाथियों के पास जाने और गांव से जंगल की ओर जाने से भी रोका जा रहा है।


