दड़े की भविष्यवाणी: अकाल होगा ना सुकाल, सामान्य होगा साल:किसानों को मलाल, सात समंदर पार भी देखा गया आवां का अजब- गजब दड़ा

हर साल प्रदेश की संपन्नता को लेकर भविष्यवाणी करने वाला दड़ा आवां कस्बे में मंगलवार को मकर संक्रांति के अवसर पर खेला गया। दड़ा महोत्सव में बारह गाँव के हज़ारों लोगों की ढाई घंटे चली मशक्कत के बाद दड़ा जब दूनी गोल पोस्ट की तरफ सरकने लगा तो वहां मौजूद हजारों किसानों के चेहरों पर मुस्कान आ गई गई। लेकिन कुछ देर बाद ही दड़ा गौपाल चौक में बीचों-बीच आ गया और काफी मशक्कत के बाद भी टस से मस नहीं हुआ तो किसान निराश हुए,लेकिन उन्हें खुशी इस बात की हुई की चलो अकाल का सामना तो नहीं करना पड़ेगा। यानि कि इस साल ना तो अकाल होगा ना सुकाल। सरपंच दिव्यांश एम भारद्वाज ने घोषणा की कि दड़ा बीचों-बीच रहा है, इसका मतलब अकाल नहीं समझे। यह साल किसानों के लिए सामान्य होगा। अकाल रहित होगा। उधर, इस खेल को सात समंदर पार अमेरिका में भी यह अजब-गजब खेल सरपंच दिव्यांश के पेज से फेसबुक लाइव देखा गया। ‘राजस्थान एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका’ के अध्यक्ष प्रेम भंडारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका में आयोजित होने वाले कन्वेंशन में इस अजब-गजब खेल को दिखाया जाएगा। रविवार को मकर सक्रांति के दिन दोपहर 12 बजे गढ़ पैलेस में 80 किलो वजनी दड़े की पूर्वमंत्री प्रभुलाल सैनी, राजपरिवार के आदित्य सिंह कार्तिकेय सिंह, कुलदीप सिंह राजावत बनथली व सरपंच भारद्वाज ने दड़ा की पूजा की और प्रार्थना की कि दड़ा खुशहाली के प्रतीक दूनी दरवाज़े में ही पोस्ट हो,अखनिया दरवाजे में नहीं, ताकि देश में सुकाल हो। इसके बाद दडे को गढ़ के चौक में रख दिया गया जहाँ शुरू हो गया धक्का-मुक्की और जोर आजमाइश का यह खेला।जिसमें कोई गिर रहा था, तो किसी की पगड़ी उछल रही थी तो किसी के कपड़े तार-तार हो रहे थे। प्रदेशभर से जुटे लोग गढ़ के चौक में हो रहे इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए प्रदेशभर से लोग आये। चौक में दुकानों और मकानों की छतों पर जमा हो गये, जिनमें महिलाएं भी खूब थी। करीब तीन घंटे तक दड़ा अखनियां और दूनी गोल पोस्ट के बीच आता-जाता रहा। खेल खत्म होते-होते वह दूनी दरवाजा गोल पोस्ट की तरफ बढ़ा तो सही लेकिन किसानों को मलाल रहा कि खेल का समय समाप्त होने के कारण गोल पोस्ट नहीं हो पाया और वह गढ़ में चला गया। हालांकि अकाल के संकेत नहीं मिलने से किसानों को संतोष रहा। सरपंच भारद्वाज हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी गुड और तिल बांट कर किसानों का मुंह मीठा करवाया।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *