भीलवाड़ा शहर सहित जिले भर में मकर संक्रांति का पर्व आज उत्साह के साथ मनाया गया। मकर संक्रांति के मौके पर लोगों ने दान पुण्य किया। इस दौरान बच्चों और युवाओं ने पतंगबाजी के साथ पारंपरिक खेल सितोलिया और गिल्ली डंडा भी खेंले। सुबह से ही शहर के कई मंदिरों और अनेक स्थानों पर भोजन वितरण के साथ-साथ दान के विशेष कार्य किए गए। कई मंदिरों को पतंग से सजाया गया। घर में गुड़ तिल और मूंगफली से बने व्यंजनों को बनाया और खाया जा रहा है। मंदिरों में भगवान को दूध और गेहूं से बने खीर का भोग लगाया गया। शहर के संकट मोचन हनुमान मंदिर और पेच एरिया स्थित बालाजी मार्केट, बड़ा मंदिर सहित कई मंदिरों में पतंगों से सजावट की गई है। बाजार में पर्व को लेकर विशेष रौनक दिखाई दी। शहर के माणिक्य नगर, बाजार नंबर 3, पुराने भीलवाड़ा सहित अनेक स्थानों पर जरूरतमंदों को लाइन में बैठाकर भोजन प्रसाद करवाया गया। माणिक्य नगर में सर्व मंगल सेवा संस्थान के प्रकाश बाबेल ने बताया कि पिछले 5 सालों से आज के दिन जरूरतमंदों को भोजन प्रसाद भंडारे माध्यम से करवाया जाता है। सुबह से यह सेवा शुरू हो जाती है जो शाम तक रहती है। इस दौरान करीब 700 से 800 जरूरतमंद व्यक्ति भोजन प्रसाद ग्रहण करते हैं। पेच एरिया बालाजी के पुजारी आशुतोष शर्मा ने बताया कि आज मकर संक्रांति महापर्व पर सृष्टि के प्रत्यक्ष देव सूर्य नारायण का धनु राशि से मकर राशि में आगमन हुआ है। आज के दिन से संपूर्ण राष्ट्र में, संपूर्ण विश्व में मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाती है। सभी कार्य किसी इसी से आरंभ हो जाते हैं। आज के दिन दान पुण्य करने से एवं पवित्र नदियों के जल से स्नान करने से करने का अत्यंत महत्व है। कुंभ महापर्व का मुख्य अमृत स्नान भी आज प्रयागराज में है। दान पुण्य करने से सभी अनिष्ट ग्रहों का समन होता है और जीवन मंगल में होता है। आज बालाजी मंदिर बालाजी मार्केट मंदिर परिसर में सभी देवालयों में आकर्षक पतंग एवं डोरी से सजावट की गई है। हनुमान जी महाराज का आकर्षक श्रृंगार किया गया है, राम दरबार का विशेष श्रृंगार है। शाम को गुड़ तिल के प्रसाद का भोग लगाकर भक्तों को वितरण किया गया।


