दतिया के उनाव बालाजी कस्बे से शर्मनाक और संवेदनशील तस्वीर सामने आई है। 91 वर्षीय रामा सूर्यन का निधन हो गया था। उनकी अंतिम यात्रा रविवार को सूर्य मंदिर के सामने स्थित प्राचीन श्मशान घाट तक ले जाई गई। लेकिन रपटा निर्माण के अभाव में शव वाहन और लोग सीधे रास्ते से नहीं जा सके। श्मशान तक पहुंचने के लिए लोगों को नदी पार करनी पड़ी और इस दौरान अर्थी गिरने का खतरा भी बना रहा। यहां पिछले कई वर्षों से रपटा निर्माण के लिए अधर में पड़ा है। पिछले माह कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने खुद उनाव का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों की नाराजगी को देखा था। उस समय ठेकेदार की लापरवाही पर कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाते हुए उसका कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके समय सीमा बीत जाने के बाद भी ठेकेदार ने निर्माण पूरा नहीं किया। स्थानीय लोग प्रशासन की इस लापरवाही से बेहद नाराज हैं। उनका कहना है कि नदी के बीच से होकर शव यात्रा करना न केवल असुरक्षित है, बल्कि यह पवित्र अंतिम संस्कार की परंपरा के अनुरूप भी नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही रपटा का निर्माण नहीं हुआ तो भविष्य में और अधिक समस्याओं और हादसों की आशंका बनी रहेगी।


