दतिया शहर के ईदगाह मोहल्ले में शनिवार को दो मासूम बच्चे साइकिल चलाते वक्त खुले नाले में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोग नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं एसडीएम ने खुले नालों को जल्द ढंकने की बात कही है। कलेक्टर की सख्ती के बाद हुई थी सफाई बारिश के दौरान दतिया शहर में जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन गई थी। इस पर कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने नाराजगी जताते हुए नगरपालिका और राजस्व अधिकारियों को तत्काल सफाई के निर्देश दिए थे। आदेश के बाद नगर पालिका की टीमें जेसीबी के साथ नालों की सफाई में जुट गईं। कई जगह ढंके हुए नालों को खोलकर उनकी भी सफाई कराई गई। नालों को दोबारा नहीं ढंका गया सफाई के बाद इन नालों को दोबारा नहीं ढंका गया। अब यही खुले नाले शहरवासियों के लिए खतरा बन गए हैं। ईदगाह मोहल्ला, किला चौक, दांतरे की नरिया, मुड़ियन का कुआं, पंडा की नरिया जैसे कई इलाकों में नाले अब भी खुले पड़े हैं। आए दिन कभी बच्चे तो कभी मवेशी और वाहन चालक इन नालों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं। हादसों का बढ़ता खतरा स्थानीय लोगों का कहना है कि खुले नालों के कारण बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा खतरा है। संकरी गलियों और रोशनी की कमी वाले क्षेत्रों में नालों की पहचान करना भी मुश्किल हो जाता है, जिससे हादसों की आशंका और बढ़ जाती है। एसडीएम संतोष तिवारी ने बताया- नगरपालिका को निर्देश दिए जाएंगे कि खुले नालों को जल्द ढंका जाए। इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।


