दतिया में शनिवार की रात मौसम ने करवट बदली और गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। कोहरे और शीतलहर के बीच रात से सुबह तक रुक-रुककर हुई बारिश ने ठंड को और बढ़ा दिया है। लोग इस कड़ाके की ठंड से बचने के लिए हीटर और अलाव का सहारा ले रहे हैं। मौसम विभाग ने पहले ही ग्वालियर-चंबल संभाग में बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी दी थी। हालांकि, सुबह तक जिले में कहीं से भी ओलावृष्टि की सूचना नहीं मिली। किसानों का कहना है कि हल्की बारिश फसलों के लिए लाभदायक है और इससे सिंचाई की आवश्यकता भी नहीं पड़ेगी, लेकिन तेज बारिश से फसलों को नुकसान की आशंका है। मौसम वैज्ञानिक अभिजीत चक्रवर्ती के अनुसार, 10 जनवरी को सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के कारण हवाओं की दिशा उत्तर से बदलकर दक्षिण-पश्चिमी हो गई है। पश्चिमी राजस्थान के ऊपर बने चक्रवातीय परिसंचरण और पूर्वोत्तर अरब सागर तक जा रही टर्फ के कारण बारिश की संभावना है। फ्रीजिंग सिस्टम के निचले स्तर पर होने से ओलावृष्टि भी हो सकती है। 13 जनवरी को इस प्रभाव के समाप्त होने के बाद न्यूनतम तापमान में गिरावट आएगी। 14 जनवरी को एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में प्रवेश करेगा, जिससे मकर संक्रांति (15 जनवरी) पर भी बारिश की संभावना बनी हुई है।


