दतिया में यूरिया की कमी, जरूरत से आधा मिला खाद:रबी फसल के लिए 6,000 टन यूरिया की जरूरत, लेकिन नई खेप में सिर्फ 2,500 टन ही मिली

दतिया जिले में रबी सीजन के बीच यूरिया खाद की आपूर्ति जरूरत के मुकाबले कम रहने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। रविवार को रेलवे स्टेशन पर खाद की नई खेप पहुंची, लेकिन जिले को केवल 2,500 मैट्रिक टन यूरिया ही मिला है, जबकि वर्तमान समय में जिले को 6,000 मैट्रिक टन से अधिक यूरिया की आवश्यकता है। इससे किसानों को अपनी फसलों की बढ़वार के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। यूरिया की कमी से किसान परेशान
जिले में रबी की बोवनी लगभग अंतिम चरण में है। कृषि विभाग के अनुसार, करीब डेढ़ लाख हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई हो चुकी है। अनुकूल मौसम और मिट्टी में नमी के कारण किसान तेजी से बोवनी कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, गेहूं की फसल में यूरिया का पहला प्रयोग आमतौर पर बोवनी के 20-25 दिन बाद पहली सिंचाई के समय किया जाता है, जबकि दूसरी खुराक 40-45 दिन में दूसरी सिंचाई के साथ दी जाती है। ऐसे में आने वाले दिनों में यूरिया की मांग और बढ़ने की संभावना है। डीएपी खाद का भंडारण करीब 1,800 मैट्रिक टन
वर्तमान में जिले में डीएपी खाद का भंडारण करीब 1,800 मैट्रिक टन है, जिसे सहकारी समितियों के माध्यम से वितरित किया जा रहा है। प्रशासन ने खाद वितरण को लेकर विशेष इंतजाम किए हैं। यूरिया और अन्य खाद केवल सहकारी समितियों के माध्यम से ही बांटी जाएगी, ताकि कालाबाजारी रोकी जा सके और सभी किसानों को उचित मात्रा में खाद मिल सके। राहत की बात यह है कि अब तक वितरण के दौरान कहीं भी जाम या अव्यवस्था नहीं हुई। कृषि विभाग के प्रभारी डीडीए राजीव वशिष्ठ ने बताया कि बचती हुई यूरिया की खेप जल्द ही जिले को मिल जाएगी, जिससे किसानों की जरूरत पूरी हो सकेगी और गेहूं की फसल समय पर खाद प्राप्त कर सकेगी।

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