जबलपुर में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने सात संदिग्ध जमातियों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया। आरोप है कि वे पनागर में किसी गतिविधि में शामिल होने आए थे। तलाशी के दौरान उनके पास दिल्ली के आधार कार्ड मिले। पनागर थाना पुलिस की पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे दिल्ली से झांसी और सागर होते हुए जबलपुर पहुंचे हैं और यहां से पन्ना जाना है। पुलिस सभी के दस्तावेजों की जांच कर रही है। वहीं विश्व हिंदू परिषद के जिला सहमंत्री का आरोप है कि उनकी भाषा संदिग्ध है और उनके पास कुछ पुस्तकें भी मिली हैं। रविवार को बजरंग दल के कार्यकर्ता पनागर शिशु मंदिर के पास स्थित गौशाला में काम कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने पाठानी मोहल्ला की ओर से आते सात लोगों को देखा, जिनके पास बड़े-बड़े बैग और एक साइकिल थी। उनसे यहां आने का कारण पूछा गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। सूचना मिलते ही दल के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। बैग की जांच में आधार कार्ड के साथ खाने-पीने की सामग्री और कुछ पुस्तकें मिलीं। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। थाना प्रभारी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और सभी को पूछताछ के लिए थाने ले गए। छिपकर किया था पनागर में प्रवेश विहिप के जिला महामंत्री नितिन ठाकुर ने कहा कि ये सभी लोग पीछे के रास्ते से छिपकर पनागर में प्रवेश कर रहे थे। फिलहाल यहां उनका कोई कार्यक्रम नहीं है, न ही उन्हें किसी ने बुलाया था और न ही वे यहां किसी को जानते हैं। इसके बावजूद पठानी मोहल्ले में आकर रुकना और पूछताछ पर चुप रहना संदेह पैदा करता है। उनका कहना है कि तबलीगी जमातियों के पास कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में जबलपुर जिले में चोरी से जुड़ी कुछ घटनाएं सामने आई हैं, जिनके आरोपी अभी तक पकड़े नहीं गए हैं। आशंका है कि ये संदिग्ध उन्हीं मामलों से जुड़े हो सकते हैं। वहीं बजरंग दल ने पनागर थाना पुलिस से मांग की है कि सभी संदिग्धों के दस्तावेज और जानकारियां जल्द से जल्द जुटाई जाएं। संगठन का कहना है कि संभव है ये लोग किसी वारदात को अंजाम देने के इरादे से आए हों। दो दिन जबलपुर में रुके थे बजरंग दल और पुलिस की पूछताछ में जमातियों ने बताया कि वे दिल्ली से बस से झांसी, सागर होते हुए जबलपुर पहुंचे थे। शहर के बाहर एक मस्जिद में दो दिन रुकने के बाद वे पनागर आए थे, जहां पठानी मोहल्ले में कुछ लोगों से मिलने के बाद पन्ना जाने की योजना थी। उनके पास एक पुरानी साइकिल भी थी, जिस पर सामान रखा हुआ था, लेकिन साइकिल कहां से मिली, इस बारे में वे कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। मुसलमानों को कट्टर बनाने का आरोप पनागर की गोशाला के पास पकड़े गए जमातियों के बैग की जांच में पुलिस को कई पुस्तकें, कुरान और शरियत से संबंधित किताबें मिली हैं। विहिप का आरोप है कि ये लोग एसआईआर का विरोध करने और बाबरी मस्जिद के नाम पर चंदा जुटाने जैसी अवैध गतिविधियों के उद्देश्य से जबलपुर आए थे। संगठन का यह भी कहना है कि ये लोग भारत में रहने वाले मुसलमानों को कट्टर बनाने का काम करते हैं। विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि सभी संदिग्धों की गहन जांच की जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि वे जबलपुर किस मकसद से आए थे। दिल्ली और झांसी के रहने वाले हैं बजरंग दल द्वारा पकड़कर पुलिस को सौंपे गए सभी जमाती दिल्ली और झांसी के निवासी बताए गए हैं। उनके आधार कार्ड में पता पूर्वी दिल्ली दर्ज है। इनके नाम मोहम्मद इमरान, शाहिद अली, मोहम्मद उमर, सुहैल अरशी, मोहम्मद अरशद, शहबुद्दीन और महमूद खान हैं। पुलिस ने जांच शुरू की पनागर थाना प्रभारी विपिन ताम्रकार ने बताया कि रविवार को बजरंग दल के कार्यकर्ता मौलाना वार्ड के पास से सात लोगों को पकड़कर थाने लाए थे। उनके पास बड़े-बड़े बैग और एक साइकिल मिली। पहचान के लिए उन्होंने आधार कार्ड दिखाए। तलाशी में कुछ पुस्तकें भी मिली हैं, जिनमें उर्दू भाषा के शब्द लिखे हुए हैं। पूछताछ में उन्होंने खुद को जमाती बताया और कहा कि वे दिल्ली से जबलपुर होते हुए पन्ना जा रहे थे। कुछ देर रुकने के बाद आगे निकलने वाले थे। विहिप और बजरंग दल की मांग पर मामले की जांच की जा रही है।


