दतिया इंदरगढ़ नगर में गुरुवार को एक अज्ञात महिला का शव मिलने से प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। महिला का शव भांडेर रोड पर सड़क किनारे पड़ा मिला, लेकिन इसे उठाने में एक घंटे से अधिक का समय लग गया। दोपहर 2:15 बजे मिला शव जानकारी के अनुसार, महिला की उम्र करीब 48 से 50 वर्ष के बीच बताई जा रही है। दोपहर करीब 2:15 बजे स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे महिला का शव देखा और इसकी सूचना दी। काफी देर तक शव वहीं पड़ा रहा, लेकिन कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। आस पास के लोगों ने नगर परिषद और एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन दोनों ही जगह से बताया गया कि कोई वाहन उपलब्ध नहीं है। इस दौरान शव सड़क किनारे पड़ा रहा और आम लोग असहज स्थिति में खड़े रहे। कचरा वाहन में ले गए शव करीब एक घंटे बाद दोपहर 3:12 बजे नगर परिषद का कचरा ढोने वाला ट्रैक्टर-ट्रॉली मौके पर पहुंचा। ट्रॉली में पहले से ही कूड़ा-कचरा भरा हुआ था। ट्रैक्टर चालक ने शव उठाने से मना कर दिया। इसके बाद समाजसेवी महीपत राठौर, सुमित जाट और दीपक शिवहरे ने स्वयं महिला का शव उठाकर कचरा वाहन में रखवाया। उस समय मौके पर नगर परिषद का कोई अधिकारी मौजूद नहीं था। इंदरगढ़ थाना प्रभारी टीआई गौरव शर्मा ने बताया कि महिला पिछले तीन-चार दिनों से क्षेत्र में घूमती दिखाई दे रही थी। प्रारंभिक जांच में भूख, प्यास और ठंड के कारण मौत की आशंका जताई गई है। पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक डॉ. नरेंद्र वर्मा ने भी महिला के शरीर को अत्यधिक कमजोर बताया। चौंकाने वाली बात यह रही कि इंदरगढ़ अस्पताल में विधायक निधि से उपलब्ध एंबुलेंस मौजूद थी, इसके बावजूद शव को पहले कचरा वाहन से ले जाया गया। जब इस घटना की तस्वीरें मीडिया में सामने आईं, तब रास्ते में कचरा वाहन रुकवाकर शव को एंबुलेंस में शिफ्ट किया गया। अस्पताल में भी कर्मचारियों ने झाड़ा पल्ला अस्पताल पहुंचने के बाद भी नगर परिषद कर्मचारियों ने शव को हाथ लगाने से इनकार कर दिया। बाद में टीआई गौरव शर्मा पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे, जिसके बाद पुलिस कर्मियों ने शव को पोस्टमार्टम हाउस में सुरक्षित रखवाया।


