दतिया जिले के सरकारी स्कूलों की दीवारों पर निजी संस्थाओं के विज्ञापन लिखे जाने के मामले में शिक्षा विभाग ने सख्ती दिखाई है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के कई स्कूलों में बिना अनुमति कोचिंग, प्राइवेट स्कूल और दुकानों के विज्ञापन पुतवा दिए गए हैं। विभाग ने इसे सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग माना है। अब जल्द ही सभी प्रधानाध्यापकों (HM) को निर्देश जारी कर ऐसे विज्ञापन लिखवाने वालों पर कार्रवाई करने को कहा जाएगा। शहरी क्षेत्र के शासकीय कन्या उमावि हाथीखाना, तलैया मोहल्ला और मुड़ियन का कुआं स्थित स्कूलों की दीवारों पर बड़े-बड़े विज्ञापन नजर आ रहे हैं। यही हाल सेंवढ़ा, भांडेर और इंदरगढ़ क्षेत्र के स्कूलों का भी है। कई जगह तो शिक्षाप्रद संदेशों और पाठ्य सामग्री की जगह इन विज्ञापनों ने ले ली है, जिससे विद्यालय का स्वरूप बिगड़ रहा है। BRCC बोले- दीवारों पर सिर्फ शिक्षा के संदेश होंगे बीआरसीसी अखिलेश राजपूत ने कहा कि स्कूल की दीवारें केवल शिक्षा और सामाजिक संदेशों के लिए होती हैं, न कि किसी निजी व्यापार के प्रचार के लिए। विभाग सभी प्रधानाध्यापकों को पत्र जारी कर रहा है। निर्देश होंगे कि बिना अनुमति दीवार लेखन कराने वालों के खिलाफ विधि संगत कार्रवाई की जाए। भविष्य में शिकायत मिलने पर संबंधित हेडमास्टर से भी जवाब मांगा जाएगा। बच्चों की मानसिकता पर पड़ता है गलत असर नियमानुसार सरकारी इमारतों पर बिना अनुमति निजी विज्ञापन लिखना पूरी तरह गलत है। जानकारों का मानना है कि स्कूल की दीवारों पर इस तरह के व्यापारिक विज्ञापन बच्चों की मानसिकता पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। इसी को देखते हुए विभाग ने तत्काल कदम उठाने का फैसला किया है।


