दमोह में एकसाथ हुआ पति-पत्नी, बेटी का अंतिम संस्कार:एक दिन पहले लटके मिले थे तीनों के शव; परिजन बोले- मकान मालिक ने परेशान किया

दमोह के तेंदूखेड़ा में गुरुवार सुबह पति-पत्नी और उनकी डेढ़ साल की बेटी के शव घर में ही फंदे पर लटके मिले थे। पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया था। शुक्रवार को तीनों का अंतिम संस्कार किया गया। पति-पत्नी को एक ही चिता पर मुखाग्नि दी गई, जबकि मासूम बेटी को दफनाया गया। वार्ड क्रमांक एक की घटना जानकारी के मुताबिक मनीष केवट (30), पत्नी दसौदा केवट और डेढ़ साल की की बेटी आरोही के साथ तेंदूखेड़ा के वार्ड क्रमांक एक में रहता था। मनीष मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। मकान मालिक पर पैसों को लेकर प्रताड़ना का आरोप मनीष की साली गीता केवट ने मकान मालिक कृष्णा केवट पर पैसों के लिए परेशान करने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि इसी कारण परिवार तनाव में था। हालांकि पुलिस ने अभी इस मामले में किसी भी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है। पुलिस और एफएसएल टीम ने की जांच घटना की सूचना मिलते ही दमोह पुलिस मौके पर पहुंची। दमोह एसपी श्रुत कीर्ति सोमवंशी भी घटनास्थल पर पहुंचे। एफएसएल टीम की मौजूदगी में जांच की गई और जिस कमरे में शव मिले थे, उसे सील कर दिया गया। एक ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कार गुरुवार को तीनों शवों का पोस्टमॉर्टम कराया गया। शुक्रवार को वार्ड क्रमांक 5 स्थित मुक्तिधाम में मनीष और दसौदा का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। वहीं, उनकी बेटी आरोही को उसी स्थान पर दफनाया गया। मनीष के माता-पिता के निधन के बाद परिवार के अन्य सदस्यों ने अंतिम संस्कार की रस्में निभाईं। दमोह एसपी श्रुतिकीर्ति सोमवंशी ने बताया- फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है। घटना के पीछे के सही कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। यह खबर भी पढ़ें… घर में लटकी 3 लाशें…पति-पत्नी-डेढ़ साल की बेटी की मौत:दमोह में फांसी पर लटक रहे थे शव, दरवाजा तोड़कर निकाली लाशें; सुसाइड नोट नहीं मिला दमोह के तेंदूखेड़ा में गुरुवार सुबह पति-पत्नी और उनकी डेढ़ साल की बेटी के शव घर में ही फंदे पर लटके मिले। पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। जानकारी के मुताबिक मनीष केवट (30), पत्नी दसौदा केवट और डेढ़ साल की की बेटी आरोही के साथ तेंदूखेड़ा के वार्ड क्रमांक एक में रहता था। मनीष मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पढ़ें पूरी खबर

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