दमोह के सीएसपी कार्यालय के पास स्थित गोशाला में रविवार को बीमार और घायल मवेशियों के लिए इलाज शिविर लगाया गया। इसमें जबलपुर से आई विशेषज्ञ डॉक्टर्स की टीम ने पशुओं का इलाज किया। जबलपुर वेटरनरी कॉलेज और नानाजी देशमुख यूनिवर्सिटी के 20 सदस्यों की टीम रविवार को दमोह पहुंची। टीम ने गोशाला में मौजूद उन मवेशियों की जांच की जो घायल थे या बीमार चल रहे थे। जिन पशुओं के पैरों की हड्डी टूटी हुई थी, उन्हें डॉक्टर्स ने प्लास्टर बांधा और अन्य बीमारियों के लिए जरूरी दवाएं दीं। गो सेवा समिति की भूमिका निस्वार्थ गौ सेवा समिति के सदस्य शहर में लावारिस और घायल हालत में घूमने वाले पशुओं को ढूंढकर गोशाला लाते हैं। समिति को करीब 15 मवेशियों के बीमार होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद उन्होंने जबलपुर की टीम से संपर्क कर उन्हें दमोह बुलाया। इलाज के दौरान समिति के कई सदस्य वहां मौजूद रहे। फरवरी में लगेगा बड़ा शिविर पशुओं का इलाज करने वाली डॉक्टर सुदेशना ने बताया कि उनकी टीम समय-समय पर यहां आती रहती है। उन्होंने जानकारी दी कि अगले साल फरवरी महीने में यहां एक बड़ा इलाज शिविर भी लगाया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा पशुओं को मदद मिल सके। समिति के सदस्य नित्य प्यासी ने बताया कि गोशाला में बीमार पशुओं के जल्द ठीक होने के लिए पूरा ध्यान रखा जाता है।


