दमोह शहर की गजानन पहाड़ी पर स्थित संतोषी माता मंदिर में मंगलवार को तिल गणेश मेले का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिले की एकमात्र मराठाकालीन भगवान गणेश की प्राचीन प्रतिमा के दर्शनों के लिए हजारों श्रद्धालु उमड़े। संकट चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं ने अपनी संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए विशेष पूजन-अर्चन किया। यह मेला 300 फीट ऊंची गजानन पहाड़ी पर स्थित मंदिर परिसर में साल में केवल एक दिन के लिए आयोजित होता है। इस वार्षिक मेले में पूरे जिले से बड़ी संख्या में लोग शामिल होने पहुंचते हैं। जिला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई थीं। दमोह शहर के बीचोंबीच स्थित यह पहाड़ी प्राचीन धरोहरों और संस्कृति से भरे नगर का एक प्रमुख आकर्षण केंद्र है। यहां विराजमान भगवान श्री गणेश की प्रतिमा 500 वर्षों से भी अधिक पुरानी बताई जाती है। मान्यता है कि भगवान गणेश के दर्शनों से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। तिल गणेश के अवसर पर व्रत धारण करने वाली महिलाओं ने विधिवत पूजन-अर्चन किया। मंदिर के महंत के सानिध्य में हवन-पूजन के साथ 1001 तिली के लड्डुओं का भोग लगाया गया। तिल गणेश चतुर्थी पर भगवान श्री गणेश को काली व सफेद तिली के लड्डू का भोग लगाने और दूर्वा चढ़ाने का विशेष महत्व है। पूरा मंदिर सीमेंट से निर्मित है, जिसके अंदर भगवान गणेश की प्रतिमा विराजमान है। पहाड़ी तक पहुंचने के लिए सीसी सड़क भी बनी हुई है।


