अजमेर दरगाह दीवान जैनुअल आबेदीन ने मंगवार को एक बयान जारी किया । इसमें उन्होंने कहा था- अजमेर को राष्ट्रीय जैन तीर्थ स्थल घोषित करने की प्रधानमंत्री से मांग की है। इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा गया है। इधर, उनके इस बयान के बाद नई बहस छिड़ गई है। इस मामले में दरगाह में मंदिर होने के दावे की याचिका लगाने वाले विष्णु गुप्ता ने भी उनका समर्थन करते हुए कहा- कम से कम वह यह मानने को तैयार हुए यह जैनियों का तीर्थ स्थल है। उन्होंने यह तो माना कि यहां पर जैन मंदिर थे। गौरतलब है कि हिंदू सेना के विष्णु गुप्ता की ओर से दरगाह में शिव मंदिर होने के दावे की याचिका लगाई थी। इसके बाद से ये पूरा मामला चर्चा में आया। अब दरगाह दीवान के इस बयान के बाद फिर से नई चर्चा शुरू हो गई है। ये कहा था अजमेर दरगाह दीवान जैनुअल आबेदीन दरगाह दीवान जैनुअल आबेदीन ने कहा था- हमारा भारत अनेक धर्मों और समृद्ध आध्यात्मिक विरासतों का संगम है। यह पावन धरती अनगिनत संतों, ऋषियों और महान विभूतियों का तपोस्थल रही है, जिन्होंने मानवता के कल्याण के लिए अनमोल योगदान दिए हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में अजमेर शहर का भी अत्यंत महत्त्वपूर्ण स्थान है। जहां एक ओर ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह विश्वभर के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, तो दूसरी ओर ब्रह्मा जी का तीर्थ इसकी ऐतिहासिक एवं धार्मिक प्रतिष्ठा को और बढ़ाता है। दीवान ने कहा- 6 फरवरी को देशभर में सभी जैन समाज की ओर से आचार्य 108 विद्यासागर महाराज की पुण्यतिथि मनाई जा रही है। आचार्य अपनी कठोर तपस्या, त्याग और मानव सेवा के लिए पहचाने जाते हैं। उनके महान विचार सदैव संपूर्ण मानव समाज का मार्गदर्शन करते रहेंगे। आचार्य विद्यासागर महाराज का अजमेर से विशेष संबंध रहा है। दीवान ने कहा- यहीं से उन्होंने अपने आध्यात्मिक जीवन की यात्रा प्रारंभ की थी और इसी पुण्यभूमि में उन्हें दीक्षा मिली। अजमेर देश भर के जैन समाज के लिए एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक केंद्र होने के साथ-साथ आचार्य श्री की जन्मस्थली के रूप में प्रतिष्ठित है। अजमेर शहर को राष्ट्रीय स्तर पर जैन तीर्थ स्थल घोषित किया जाए। यह निर्णय न केवल आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के प्रति सच्चा सम्मान होगा, बल्कि भारत की समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को और अधिक प्रतिष्ठा भी प्रदान करेगा। अजमेर को जैन धर्म के राष्ट्रीय तीर्थ स्थल का दर्जा प्रदान करा जाए इस महत्त्वपूर्ण निर्णय से न केवल जैन समाज, बल्कि अन्य सभी धर्मों व समुदायों के मध्य सांप्रदायिक सद्भाव और धार्मिक सौहार्द को और अधिक बल मिलेगा। गुप्ता बोले- मैंने अपने केस में जैन मंदिर भी बताए हैं दरगाह दीवान के इस बयान के बाद विष्णु गुप्ता ने कहा – मेरे केस में दरगाह के अंदर प्राचीन मंदिर बताया है। साथ ही साथ जैन मंदिर भी बताए हैं। क्योंकि अजमेर ख्वाजा साहब की दरगाह उन मंदिरों को तोड़कर बनाई गई है। अब दरगाह दीवान ने ही अजमेर को जैन तीर्थ स्थल घोषित करने के लिए पत्र लिखा है। सरकार को अपने विवेक से इस पर फैसला लेना चाहिए। इसे तीर्थ स्थल घोषित करना चाहिए। हिंदू सेना इसका स्वागत करती है। गुप्ता ने कहा कि पूर्व में यह तीर्थ स्थल ही है। पूरी दुनिया में ब्रह्मा जी का मंदिर कहीं नहीं सिर्फ पुष्कर में है। यह मंदिरों का शहर है। अगर जैन तीर्थ स्थल घोषित होता है तो मैं मानता हूं सभी हिंदू इसका स्वागत करेंगे। इससे हमारे केस को भी बल मिलेगा। दरगाह दीवान कम से कम मानने को तैयार तो हुए कि यहां जैन मंदिर थे। इसका हम स्वागत करते हैं और उन्हें धन्यवाद देते हैं। एक दिन यह भी सामने आएगा की दरगाह में भगवान शिव का संकट मोचन मंदिर और जैन मंदिर को तोड़ा गया वहां पर दरगाह बनाई गई। कौन है विष्णु गप्ता? हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने सिविल कोर्ट में अजमेर दरगाह में संकट मोचन महादेव मंदिर होने का दावा करते हुए याचिका लगाई थी। इसे 27 नवंबर 2024 को इस याचिका को सिविल कोर्ट ने स्वीकार कर ली थी। मामले में अजमेर सिविल कोर्ट ने अल्पसंख्यक मंत्रालय, दरगाह कमेटी अजमेर और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) को नोटिस भेजा था। इसके बाद अंजुमन कमेटी, दरगाह दीवान, गुलाम दस्तगीर अजमेर, ए इमरान बैंगलोर और राज जैन होशियारपुर पंजाब ने अपने आप को पक्षकार बनाने की अर्जी लगाई थी। इस मामले में 24 जनवरी तक दो सुनवाई हो चुकी है। याचिका में रिटायर्ड जज हरबिलास सारदा की 1911 में लिखी किताब अजमेर: हिस्टॉरिकल एंड डिस्क्रिप्टिव का हवाला देते हुए दरगाह के निर्माण में मंदिर का मलबा होने का दावा किया गया है। साथ ही गर्भगृह और परिसर में एक जैन मंदिर होने की बात कही गई। 24 जनवरी को सुनवाई के अलगे दिन 25 जनवरी की सुबह विष्णु गुप्ता पर अजमेर से जयपुर जाते वक्त उनकी कार पर फायरिंग भी हुई थी। विष्णु गुप्ता का कहना था- गगवाना के पास बाइक सवार दो युवकों ने उन पर गोली चलाई और फरार हो गए। गोली ड्राइवर साइड के अपोजिट कार के पीछे बाहर की तरफ लगी। जैसे ही फायर की आवाज आई मैंने ड्राइवर को गाड़ी भगाने को कहा। मैंने गाड़ी में पीछे देखा तो पता चला कि दो बाइक सवार आए थे। युवक कौन थे, कैसे दिख रहे थे इसके बारे में जानकारी नहीं है। ये हमला सोची-समझी साजिश है ताकि इस केस को मैं आगे नहीं बढ़ा सकूं। मुझे पहले भी धमकी मिली है लेकिन मैं डरने वाला नहीं हूं। एक मार्च है अगली सुनवाई शिव मंदिर होने के दावे की याचिका खारिज करने की मांग वाली एप्लिकेशन पर शुक्रवार (24 जनवरी) को सुनवाई हुई। याचिका में दरगाह कमेटी ने कहा था कि वादी की ओर से लगाई गई याचिका को खारिज किया जाए। यह सुनवाई योग्य नहीं है। इस पर कोर्ट ने विष्णु गुप्ता से जवाब मांगा तो उन्होंने जवाब पेश किया गया। इस जवाब पर दरगाह कमेटी ने समय मांगा। इसके बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 1 मार्च की तारीख दी है। ये खबर भी पढ़िए… अजमेर दरगाह विवाद- याचिकाकर्ता पर फायरिंग:शिव मंदिर होने की याचिका लगाई है, जयपुर लौटते समय हमला; गुप्ता बोले- मैं डरने वाला नहीं अजमेर दरगाह में शिव मंदिर होने की याचिका लगाने वाले विष्णु गुप्ता पर फायरिंग हुई है। अजमेर से जयपुर लौटने के दौरान शनिवार सुबह 6 बजे उनकी कार पर गोली चलाई गई है। बताया जा रहा है कि दो बाइक सवारों ने गोली चलाई है। गुप्ता ने फायरिंग को लेकर कहा कि ये हमला सोची समझी साजिश है। मुझे पहले भी धमकी मिली है, लेकिन मैं डरने वाला नहीं हूं। (पूरी खबर पढिए) अजमेर दरगाह में मंदिर होने के 3 आधार पेश किए:हाईकोर्ट के जज की किताब का हवाला; वंशज बोले- ऐसी हरकतें देश के लिए खतरा विष्णु गुप्ता ने कहा कि 2 साल की रिसर्च और रिटायर्ड जज हरबिलास शारदा की किताब में दिए गए तथ्यों के आधार पर याचिका दायर की है। किताब में इसका जिक्र है कि यहां ब्राह्मण दंपती रहते थे। पूरी खबर पढ़िए…


