भास्कर न्यूज | बालोद रबी सीजन में फसल बुआई के लिए कृषि विभाग ने लक्ष्य निर्धारित किया है। जिसके अनुसार 7 हजार 330 हेक्टेयर रकबे में अनाज, 41 हजार 950 हे. में दलहन, 2 हजार 750 हे. में राई सरसों, अलसी, कुसुम और 3 हजार 150 हेक्टेयर रकबे में गन्ना, साग भाजी, धनिया बोआई लक्ष्य तय किया गया है। लक्ष्य अनुरुप 1239 हेक्टेयर रकबे में अनाज, 32 हजार 346 हे. में दलहन, 3 हजार 70 हे. में राई सरसों, अलसी, कुसुम और 1395 हेक्टेयर रकबे में गन्ना, साग भाजी, धनिया की बुआई हो चुकी है। रबी सीजन में ओवरऑल 55 हजार 210 हेक्टेयर रकबे में विभिन्न फसलें लगाने लक्ष्य तय हुआ है। जिसके अनुरुप अब तक 38 हजार 50 हे. रकबे में बुआई हो चुकी है। जो निर्धारित लक्ष्य का 70% है। कृषि विभाग के अनुसार पिछले साल रबी सीजन में 54 हजार हेक्टेयर में फसल बुआई के लिए लक्ष्य तय हुआ था। इस बार रकबा एक हजार हेक्टेयर बढ़ा है। हालांकि अभी बुआई, जोताई का सिलसिला चल रहा है। कृषि विभाग के उप संचालक आशीष चंद्राकर ने बताया कि रबी सीजन में दलहन-तिलहल फसल की खेती करने किसानों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। डौंडी में 800 हे., लोहारा में 6800 हेक्टेयर में तिवड़ा जिले के 5 ब्लॉक में 20 हजार हेक्टेयर रकबे में तिवड़ा बुआई का लक्ष्य है। जिसमें बालोद ब्लॉक मंे 3 हजार 800 हे. गुरूर में 2 हजार 800 हे., डौंडी में 800 हे. डौंडीलोहारा में सबसे ज्यादा 6 हजार हेक्टेयर और गुंडरदेही ब्लॉक में 5 हजार 800 हेक्टेयर रकबे में तिवड़ा बुआई का लक्ष्य तय किया गया है। लक्ष्य के अनुरूप बालोद ब्लॉक मंे 2 हजार 488 हे. गुरूर में 1 हजार 469 हे., डौंडी में 326 हे. डौंडीलोहारा में सबसे ज्यादा 6 हजार 806 हेक्टेयर और गुंडरदेही ब्लॉक में 3 हजार 654 हे., 5 ब्लॉक में 14 हजार 743 हेक्टेयर रकबे में तिवड़ा की बुआई हुई है। बालोद से 5 गुना ज्यादा गुरूर में चने की खेती कृषि विभाग के अनुसार बालोद ब्लॉक की तुलना में 5 गुना ज्यादा रकबे में गुरूर ब्लॉक में चना की खेती होगी। बालोद ब्लॉक मंे 2 हजार 350 हे. गुरूर में 12 हजार 160 हे., डौंडी में 120 हे. डौंडीलोहारा में 1 हजार 170 हेक्टेयर और गुंडरदेही ब्लॉक में 900 हेक्टेयर रकबे में चना बोआई का लक्ष्य तय किया गया है। लक्ष्य के अनुरूप बालोद ब्लॉक मंे 2 हजार 613 हे. गुरूर में 9 हजार 404 हे., डौंडी में 20 हे. डौंडीलोहारा में 219 हेक्टेयर और गुंडरदेही ब्लॉक में 310हे., कुल 5 ब्लॉक में 12 हजार 566 हेक्टेयर रकबे में चना की बुआई हो गई है।


