प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शुरू हुए दलित उत्थान महा-अभियान से अब एक और गांव जुड़ गया है। इस अभियान का उद्देश्य 50 वर्षों से अधिक समय से एक ही स्थान पर बसे दलित गांवों को स्थायी आवास दिलाना है। भारत जोड़ो मिशन सोसाइटी द्वारा यह मुहिम जयपुर जिले के बगरू विधानसभा क्षेत्र के जय जसपुरा गांव से शुरू की गई थी। इसका लक्ष्य उन दलित बस्तियों को पट्टे दिलाना है, जिन्हें दशकों से भूमि अधिकार नहीं मिले हैं। भारत जोड़ो मिशन सोसाइटी के अध्यक्ष अनीष कुमार नाडार ने बताया कि राजस्थान में लगभग 5000 से अधिक ऐसे गांव और ढाणियां हैं, जो 50 वर्षों से भी अधिक समय से पट्टा नहीं मिलने के कारण विकास की मुख्य धारा से नहीं जुड़ पाई हैं। बढ़ती जनसंख्या और महंगी होती जमीनों के कारण गरीब लोग मजबूरी में आबादी की भूमि न होने पर चारागाह या वन भूमि पर बस गए हैं। अब समय आ गया है कि प्रशासनिक स्तर पर सर्वेक्षण कर इन लोगों को स्थायी पट्टे उपलब्ध कराने के लिए उच्च स्तर पर कार्य किया जाए। भारत जोड़ो मिशन सोसाइटी इस दिशा में एक अध्यादेश लाने के लिए जन समर्थन जुटा रही है। इसका उद्देश्य कच्ची बस्तियों, अनियमित गांवों और ढाणियों को वहीं पर पट्टा दिलवाना है, जहां वे बसी हुई हैं, क्योंकि अधिकतर भूमि में कोई न कोई कानूनी विवाद मौजूद है। ‘कच्ची बस्ती मुक्त भारत’ अभियान को सफल बनाने के लिए अध्यादेश ही एकमात्र समाधान है।


