कोटा के गुमानपुरा थाना क्षेत्र में किशोर सागर तालाब के नाग-नागिन मंदिर के पास एक दसवीं कक्षा की छात्रा ने पानी में कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया। समय रहते मौके पर मौजूद लोगों की सूझबूझ से छात्रा को तालाब से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। सूचना मिलने पर नगर निगम की गोताखोर टीम और गुमानपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद पुलिस छात्रा को थाने लेकर गई और परिजनों को सूचना दी गई। नगर निगम गोताखोर राकेश ने बताया कि पुलिस कंट्रोल रूम से तालाब में लड़की के कूदने की सूचना मिली थी। टीम के मौके पर पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने छात्रा को पानी से बाहर निकाल लिया था। पूछताछ में छात्रा ने अपना नाम प्रीति मीणा बताया, जो राजीव गांधी नगर की निवासी है और दसवीं कक्षा में अध्ययनरत है। पुलिस को छात्रा के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है। नोट में छात्रा ने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए कुछ भावनात्मक बातें लिखी हैं। गुमानपुरा थाना अधिकारी महेश कारवाल ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि छात्रा को उसकी मां ने डांट दिया था, जिससे आहत होकर उसने यह कदम उठाया। पुलिस ने परिजनों को थाने बुलाकर काउंसलिंग की। परिजनों ने बताया कि छात्रा की बचपन में शादी कर दी गई थी, हालांकि वह अभी मायके में रहकर पढ़ाई कर रही है और पति से फोन पर बातचीत करती थी। इसी बात को लेकर उसे डांटा गया था, जिससे नाराज होकर वह तालाब में कूद गई। पुलिस ने छात्रा और उसके परिजनों से समझाइश की। पूछताछ के बाद छात्रा को परिजनों के साथ सुरक्षित घर भेज दिया गया। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। इस घटना के बाद एक बार फिर किशोर सागर तालाब और नहरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिला प्रशासन को इस ओर तत्काल ध्यान देना चाहिए। किशोर सागर तालाब और नहरों के चारों तरफ ऊंची बाउंड्री वॉल और मजबूत सेफ्टी जालियां लगाई जानी चाहिए। बीते दिनों भी नहर में कई व्यक्ति के कूदने की घटना सामने आई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए।


