नवाचारी शिक्षण से गणित हुआ आसान, बच्चों में बढ़ा आत्मविश्वास

भास्कर न्यूज | कवर्धा शिक्षा को प्रभावी बनाने में अब सिर्फ किताबें ही नहीं, बल्कि पढ़ाने का तरीका सबसे बड़ी भूमिका निभा रहा है। शासकीय हाई स्कूल छिरहा में यह बदलाव साफ नजर आ रहा है, जहां प्राचार्य एवं गणित विषय के व्याख्याता डॉ. रमेश चन्द्रवंशी की नवाचारी शिक्षण पद्धतियों ने कक्षा का माहौल पूरी तरह बदल दिया है। डॉ. चन्द्रवंशी ने गणित जैसे कठिन माने जाने वाले विषय को विद्यार्थियों के लिए रोचक और जीवन से जुड़ा बना दिया है। कक्षा की शुरुआत वे सीधे सवाल-जवाब से नहीं, बल्कि दैनिक जीवन से जुड़े उदाहरणों से करते हैं। इससे छात्र विषय से तुरंत जुड़ जाते हैं और डर की जगह जिज्ञासा पैदा होती है। गणितीय अवधारणाओं को समझाने के लिए विद्यार्थियों को छोटे-छोटे समूहों और जोड़ों में काम कराया जाता है। इससे सहपाठी शिक्षण, आपसी चर्चा और तार्किक सोच को बढ़ावा मिल रहा है। बच्चे न सिर्फ सवाल हल करते हैं, बल्कि अपने तर्क भी खुलकर रखते हैं। कक्षा में आईसीटी का प्रभावी उपयोग कर कठिन और अमूर्त गणितीय कांसेप्ट को सरल रूप में समझाया जा रहा है। चार्ट, मॉडल और गणितीय प्रतिरूपों के जरिए पढ़ाई को दृश्यात्मक बनाया गया है, जिससे छात्रों की पकड़ मजबूत हो रही है। हर नए कांसेप्ट के बाद विद्यार्थियों को खुद अपनी भाषा में सीखी गई बात कहने का मौका दिया जाता है। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ रहा है और कक्षा में सहभागिता भी।

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