ग्राम पंचायत श्रीपुर के आश्रित ग्राम बारकोट पटेलपारा में आंगनबाड़ी भवन का निर्माण कार्य पिछले दस वर्षों से अधूरा पड़ा है। जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के कारण यहां के छोटे-छोटे बच्चे बारिश और गर्मी में खुले झोपड़ी के नीचे बैठने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने कई बार सरपंच और सचिव से शिकायत की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। ग्रामीणों ने बताया भवन निर्माण कार्य आधा-अधूरा छोड़ दिया गया है। भवन के मुख्य दरवाजे पर चैनल गेट तो लगा दिया गया है, लेकिन अंदर अभी तक प्लास्टर नहीं किया गया है। अंदर के दरवाजे भी अब तक नहीं लगी हैं। शौचालय का निर्माण नहीं किया गया है। इसके साथ ही भवन में बिजली की कोई सुविधा नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि आंगनबाड़ी भवन को अधूरा छोड़कर उसमें रंग-रोगन कर दिया गया, ताकि निर्माण कार्य पूरा दिखाकर सरकारी राशि निकाली जा सके। भवन अधूरा होने से केंद्र का संचालन झोपड़ी में किया जा रहा है। इसमें बच्चों के लिए बैठने की भी समुचित व्यवस्था नहीं है। बरसात के दिनों में पानी टपकता है और गर्मी के मौसम में छांव तक की सुविधा नहीं है। बच्चों की पढ़ाई और पोषण संबंधी गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों ने कहा हर बार सिर्फ आश्वासन मिलता है, लेकिन काम नहीं होता। बच्चों के लिए न शौचालय है, न बैठने की जगह है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से जल्द से जल्द इस अधूरे भवन को पूरा कराने की मांग की है। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे उच्च अधिकारियों को शिकायत करने मजबूर होंगे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जयश्री नेगी ने बताया पटेल पारा में 16 बच्चे दर्ज है। महिला बाल विकास के अधिकारियों को भी जानकारी है कि आंगनबाड़ी झोपड़ी में संचालित हो रही है। इसके बाद भी अब तक भवन पूर्ण कराने ध्यान नहीं दिया जा रहा है।


