दहेज के लालच में युवक ने चौथी शादी कर ली। पहली तीन पत्नियों को भी दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहा था। तीसरी पत्नी असमा (35) ने पति जमील अख्तर, ससुर जफर कलीम शमशेर खान, सास तनवीर और जमील की एक और चौथी पत्नी सुमइया की घरेलू हिंसा से परेशान होकर मामला दर्ज कराया। भोपाल जिला कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। असमा और जमील का अभी तलाक नहीं हुआ है। इसे देखते हुए कोर्ट ने पति जमील को आदेश दिया कि असमा को हर महीने 4 हजार रुपए भरण-पोषण की राशि के साथ 3 हजार रुपए मकान के किराए के लिए दे। इसके अलावा, असमा के साथ की गई मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के लिए 3 लाख रुपए भी देने के आदेश दिए हैं। उसका और बेटी का ख्याल रखने की शर्त पर की थी शादी असमा का पहले पति से तलाक हो गया था। पहले पति से उसकी एक बेटी है। दूसरी शादी असमा ने इसी शर्त पर की थी कि जमील उसका और उसकी बेटी का ख्याल रखेगा। शादी के बाद पति जमील, सास-ससुर और जमील की चौथी पत्नी सुमइया ने असमा को दहेज के लिए परेशान करना और मारपीट करना शुरू कर दिया। ये लोग असमा और बेटी को पेट भर खाना भी नहीं देते थे। असमा ने इसकी शिकायत अपने पिता से की। पिता के ससुराल पहुंचने पर ससुराल वालों ने कहा कि वे अभी गुस्से में हैं, अपनी बेटी को मायके लेकर चले जाओ। असमा अपने पिता के साथ भोपाल आ गई। इसके बाद उसने महिला थाने में घरेलू हिंसा का केस दर्ज कराया। असमा ने कोर्ट में बताया कि जमील ने असमा से शादी से पहले रिजवाना नाम की लड़की से भी शादी की थी। उसने असमा से इस शादी की बात भी छिपाई। इसके अलावा, पूर्व पत्नी साजमा के साथ भी वह मारपीट कर उसे तलाक दे चुका है। साक्ष्यों के आधार पर पाया गया कि ससुराल पक्ष द्वारा असमा के साथ मारपीट और घरेलू हिंसा की गई है। चेक बाउंस हुआ… कोर्ट ने ब्याज सहित दिलाए 2.51 लाख रुपए
1 लाख 60 हजार रुपए के चेक बाउंस के मामले में कोर्ट ने फरियादी को ब्याज सहित राशि वापस दिलाई है। कोर्ट ने पीड़ित आधार बाई को 2 लाख 51 हजार 760 रुपए दिलाए। साथ ही आरोपी रूपा बाई को 6 महीने की सजा सुनाई है। रूपा बाई को 7 हजार 400 रुपए कोर्ट फीस जमा करने का भी आदेश दिया है। मामला अगस्त 2018 का है।े आधार बाई ने रूपा को जरूरत पड़ने पर 1 लाख 60 हजार रुपए दिए। जब आधार बाई ने पैसे वापस मांगे तो उसने का चेक आधार बाई ने चेक बैंक में लगाया तो यह बाउंस हो गया।


