आबादी के बीच आग का खेल…:सालभर में 18 गैस गोदामों में से एक ​शिफ्ट कर पाए, दहशत में रहवासी

विवेक राजपूत गैस एजेंसियों के गोदाम शहर से बाहर करने के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। हालात ऐसे हैं कि सालभर से चल रही कार्रवाई के बाद 18 में से सिर्फ एक गैस गोदाम शहर से बाहर हो पाया है। लालघाटी से लेकर गोविंपुरा और भेल समेत शहर के अन्य आबादी क्षेत्रों में गैस गोदाम काबिज हैं। यहां सुरक्षा मानकों का पालन न होने से हादसों की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लाेग दहशत में रहते हैं। बीते साल 6 फरवरी को हरदा की पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट में 11 लोगों की मौत के बाद जिला प्रशासन ने सभी गैस एजेंसियों के गोदाम शहर से बाहर करने के निर्देश दिए थे। इसके लिए कार्रवाई भी शुरू की गई। शहर में संचालित 18 गैस एजेंसियों को गोदाम शहर से बाहर करने के लिए नोटिस जारी किए थे। लेकिन गैस एजेंसी संचालकों ने इसे गंभीरता से ही नहीं लिया। गोदाम के लिए कड़े सुरक्षा मानक… लेकिन हकीकत यह कि बाउंड्री के नाम पर तार फेंसिंग की कार्रवाई की यह हकीकत
सालभर से जिन एजेंसी संचालकों को नोटिस देकर कार्रवाई का दावा किया जा रहा है, उनमें सिर्फ एक अशोका गार्डन स्थित अभिषेक गैस एजेंसी ने रातीबड़ से आगे अपना गोदाम बनाया है। हालांकि, एजेंसी के पीछे अभी भी इनका गोदाम है। लेकिन यहां सिलेंडर नहीं रखे जा रहे हैं। लालघाटी क्षेत्र की एसबी गैस एजेंसी द्वारा जमीन खरीदी की प्रक्रिया चल रही है। सारा गैस एजेंसी और ममता गैस एजेंसी का गोदाम तैयार है, शिफ्ट होना बाकी है। 1996 से चल रहे हैं प्रयास
गैस गोदाम बाहर करने के प्रयास 1996 से चल रहे हैं। तब प्रशासन ने भदभदा के पास जमीन चिह्नित की थी। यहां गैस गोदाम बनाए जाने का प्रस्ताव बना, पर जमीन किस दर पर संचालकों को दी जाए, यही तय नहीं हो पाया। योजना ठंडे बस्ते में चली गई। जून 2024 में बैठक बुलाई गई। तब एजेंसी संचालकों ने कहा कि उन्हें एजेंसी से 5 किमी दायरे में नई जगह दें। इस पर अफसरों से चर्चा करके अंतिम निर्णय लेने की बात हुई थी, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ी। रसूख के आगे नतमस्तक मानकों का पालन नहीं किसी भी गैस एजेंसी के गोदाम का लाइसेंस केंद्रीय विस्फोटक विभाग जारी करता है। इसके लिए कड़े सुरक्षा मानक हैं। सबसे महत्वपूर्ण नियम है कि गोदाम का परिसर 15 हजार वर्गफीट का होगा। बिल्डिंग के चारों ओर 9–9 मीटर जगह छोड़ी जाएगी। बाउंड्री 6 फीट ऊंची होगी। 6 मीटर में पार्किंग और चौकीदार हट भी बनाएंगे। लेकिन, आलम यह है कि बाउंड्री के नाम पर तार फेंसिंग की गई है। बिल्डिंग के बाद पर्याप्त जगह भी नहीं है। प्रशासन को अधिकार नहीं : एजेंसी संचालक
एजेंसी संचालकों का दावा है कि गोदाम का लाइसेंस केंद्रीय विस्फोटक विभाग देता है। प्रशासन को इस मामले में कार्रवाई का अधिकार नहीं है। खुद राज्य सरकार ने हाईकोर्ट की डबल बैंच में यह माना भी है। कितने गोदाम बाहर हुए, समीक्षा करेंगे
^जनहित को ध्यान में रखते हुए गैस गोदाम आबादी क्षेत्र से बाहर किए जाने हैं। अब तक कितने बाहर हुए और कितने नहीं, इसकी समीक्षा करेंगे। कार्रवाई की जाएगी। -कौशलेंद्र विक्रम ​सिंह, कलेक्टर, भोपाल

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