दाढ़ी में सकरी नदी पर बना पुल हुआ कमजोर छड़ बाहर आने लगे, इससे दुर्घटना का खतरा

भास्कर न्यूज | दाढ़ी दाढ़ी के सकरी नदी उच्च स्तरीय पुल की स्थिति खराब है। इस पुल का निर्माण 2010-11 में किया गया था। तब लेकर अब तक पुल का किसी भी प्रकार का मरम्मत नहीं कराई गई है। यही कारण है कि पुल की स्थिति दयनीय है। पुल में दरार आने लगे है। इसके अलावा पुल में लगे छड़ बाहर निकल आए है। ऐसे में हादसा का खतरा बना हुआ है। इस पुल से ग्रामीण अंचल के लोगों का दाढ़ी आना जाना लगा रहता है। नपं दाढ़ी सकरी नदी उच्च स्तरीय पुल से कबीरधाम जिले के दर्जनों गांव के लोगों का इसी मार्ग से आना आना-जाना करते है। पुल के मध्य सीमेंट उखड़ जाने से गड्ढा भी हो गया है। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि सेतु निर्माण विभाग ने इस पुल का निर्माण किया है। इस निर्माण विभाग का कार्यालय बेमेतरा जिले में नहीं है। इस कारण इसकी मरम्मत को लेकर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। दाढ़ी निवासी नाथूराम चंद्राकर, मोहन जायसवाल, पंचू चंद्राकर, मिथलेश सेन, ताराचंद साहू, गोलू जायसवाल ने सेतु निर्माण के अधिकारियों से जल्द से जल्द इस पुल की मरम्मत कार्य कराए जाने की मांग की है। भाजपा शासन काल के दौरान निर्माण हुआ था, अब पुल की मरम्मत की जरूरत करीब 15 साल पहले भाजपा शासन काल में दाढ़ी स्थित सकरी नदी में उच्च स्तरीय पुल का निर्माण किया गया था। शुरुआती दौर में करीब चार-पांच साल तक पुल में आवागमन सुचारू रूप से हो रहा था। इसके बाद नदी में आई बाढ़ के कारण पुल के ऊपरी सतह के सीमेंट उखड़ गया। छड़ भी बाहर निकल गया। तब से लेकर आज तक पुल की मरम्मत व रखरखाव को लेकर एक भी बार काम नहीं हुआ है। यही कारण है कि पुल जर्जर स्वरूप में बदलते जा रहा है। अब इस पुल में मरम्मत की दरकार होने लगी है। इस पुल बन जाने के बाद से बेमेतरा जिले के सरहदी क्षेत्र से लेकर ग्राम बिरकोना तक करीब 18 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण एडीबी द्वारा किया गया है। पुल निर्माण होने के बाद इस मार्ग में यात्री बसों का भी कवर्धा बिरकोना होते हुए दाढ़ी तक आना-जाना हो रहा है। इसके अलावा बेमेतरा से भी दाढ़ी से पंच भैया गांव तक यात्री बस चल रही है। समय रहते अगर पुल का मरम्मत कार्य नहीं कराया गया तो आगामी बारिश के दिन में पूरी तरह से अनुपयोगी हो सकता है। इससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। सकरी नदी का यह इकलौता पुल है, जिसमें क्षेत्र के ग्रामीण बारहमासी आवागमन का उपयोग कर रहे हैं।

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