बड़वानी जिले की ग्राम पंचायत दानोद में शासकीय स्कूल भवन निर्माण को लेकर चल रहा विवाद जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन (जयस) के एकदिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन के बाद सुलझ गया है। प्रशासन की तत्परता से 90 साल पुराने स्कूल भवन का निर्माण कार्य पुनः शुरू हो गया है। दरअसल, दानोद में जिस स्थान पर लगभग 90 वर्षों से शासकीय स्कूल संचालित था, उसका पुराना जर्जर भवन गिरा दिया गया था। इसके बाद एक बाहरी व्यक्ति ने झूठा दावा करते हुए इसे निजी भूमि बताया और निर्माण कार्य रुकवा दिया था। धरना प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की। प्रशासनिक अमले को मौके पर भेजा गया, जिसने स्थिति का निरीक्षण किया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नया स्कूल भवन उसी स्थान पर निर्मित किया जाएगा। भूमि पर निर्माण के लिए लिमिट डाली गई, जेसीबी मशीन से गड्ढा खुदवाया गया और संबंधित निर्माण एजेंसी को कार्य में लापरवाही न बरतने के सख्त निर्देश दिए गए। प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया कि इस पूरे मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जयस के प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष राजू पटेल ने निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो। जयस जिला प्रभारी मुन्ना मोरे ने स्कूल निर्माण में बाधा डालने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही। इस सांकेतिक धरना प्रदर्शन में आदिवासी, धनगर, राठौर सहित विभिन्न समाजों के नागरिकों और युवाओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। धरना प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य सफल रहा और स्कूल भवन निर्माण कार्य फिर से शुरू हो गया। जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन ने बड़वानी जिला प्रशासन, तहसील प्रशासन और पुलिस प्रशासन के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। संगठन ने यह भी मांग रखी कि राजपुर क्षेत्र के जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित निर्माण एजेंसी को नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो और प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।


