बोकारो के तेलमच्चो में ‘देवनद–दामोदर महोत्सव–2025’ का आयोजन किया गया। विश्व पर्यावरण दिवस और गंगा दशहरा के अवसर पर झारखंड के राज्यपाल ने नदियों की सुरक्षा पर जोर दिया। राज्यपाल ने दामोदर नदी को झारखंड की जीवनरेखा बताया। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास से नदी प्रदूषित हुई है। युगान्तर भारती संस्था के जन-जागरूकता अभियान और सरयू राय के प्रयासों से इसमें सुधार दिख रहा है। जनसहभागिता से दामोदर और अन्य नदियां भी स्वच्छ हो सकती हैं उन्होंने झारखंड की प्राकृतिक संपदाओं के संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताया। नमामि गंगे परियोजना का उदाहरण देते हुए कहा कि जनसहभागिता से दामोदर और अन्य नदियां भी स्वच्छ हो सकती हैं। राज्यपाल ने प्लास्टिक प्रदूषण पर चिंता जताई। संयुक्त राष्ट्र की थीम ‘प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करना’ का जिक्र किया। उन्होंने सभी शैक्षणिक संस्थानों व सार्वजनिक स्थलों को ‘नो प्लास्टिक जोन’ घोषित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि नदियां केवल जल स्रोत नहीं हैa। ये आस्था और जीवन की आधारशिला हैं। राज्यपाल ने नागरिकों से दामोदर समेत सभी नदियों की स्वच्छता, सुरक्षा और पुनर्जीवन में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।


