भास्कर न्यूज | पटना पंडित ज्वाला प्रसाद उपाध्याय शासकीय महाविद्यालय पटना के भूगोल विभाग ने विद्यार्थियों के लिए दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल) का शैक्षणिक व भौगोलिक पर्यटन सफलतापूर्वक संपन्न कराया। डॉ. गुलज़ार सिंह ने बताया कि इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा में पढ़ाने वाले भौगोलिक तथ्यों, स्थलाकृतियों, जलवायु, पर्यटन व सांस्कृतिक विविधताओं का प्रत्यक्ष अनुभव कराना था, जिससे उनके शैक्षणिक ज्ञान में वृद्धि हो सके। भौगोलिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को दार्जिलिंग के प्रमुख और महत्वपूर्ण स्थलों का अवलोकन कराया। इनमें विश्वप्रसिद्ध टाइगर हिल प्रमुख रहा, जहां से विद्यार्थियों ने हिमालय की पर्वत श्रृंखलाओं, सूर्योदय के दृश्य और ऊंचाई और जलवायु के प्रभावों को नजदीक से समझा। इसके अतिरिक्त बौद्ध मंदिर में क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक विशेषताओं की जानकारी दी गई। वार मेमोरियल में ऐतिहासिक घटनाओं और भौगोलिक परिस्थितियों के संबंध को समझाया। भ्रमण के दौरान जियोलॉजिकल पार्क का अवलोकन कर छात्रों को चट्टानों, भू-संरचना और भू-वैज्ञानिक प्रक्रियाओं की जानकारी दी। वहीं दार्जिलिंग के प्रसिद्ध चाय बागानों में विद्यार्थियों को चाय उत्पादन की प्रक्रिया, भौगोलिक परिस्थितियों का फसलों पर प्रभाव व स्थानीय अर्थव्यवस्था में चाय उद्योग की भूमिका के बारे में विस्तार से बताया। इससे विद्यार्थियों को आर्थिक भूगोल के व्यावहारिक पक्ष को समझने का अवसर मिला। इस शैक्षणिक यात्रा में कोलकाता (कलकत्ता) के प्रमुख स्थलों का भी भ्रमण कराया। विद्यार्थियों ने दक्षिणेश्वर काली मंदिर में धार्मिक पर्यटन का अध्ययन किया, जबकि तारामंडल में खगोलीय विज्ञान व ब्रह्मांड से संबंधित जानकारी प्राप्त की। इन स्थलों ने विद्यार्थियों के बौद्धिक और सांस्कृतिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस भौगोलिक पर्यटन में कुल 23 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। पूरे भ्रमण के दौरान सुश्री पूनम टोप्पो, सहायक प्राध्यापक, गजेंद्र कुमार नामदेव और डॉ. गुलजार सिंह ने पर्यवेक्षक के रूप में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। शिक्षकों ने प्रत्येक स्थल पर संबंधित भौगोलिक, ऐतिहासिक व सांस्कृतिक तथ्यों की विस्तृत जानकारी देकर भ्रमण को अत्यंत उपयोगी बनाया।


