भास्कर न्यूज | जशपुरनगर ग्राम पंचायत सोनक्यारी के सतालूटोली निवासी संतोषी बाई और उनके नवजात शिशु का स्वास्थ्य परीक्षण मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) ने 5 जुलाई को स्वयं उनके निवास पर जाकर किया। जांच के दौरान दोनों को पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। बता दें कि संतोषी बाई का प्रसव 1 जुलाई की रात को हुआ था। अगले दिन, 2 जुलाई को भारी बारिश के कारण क्षेत्र में नाले में जलभराव जैसी विकट परिस्थिति बनी हुई थी। ऐसे में मितानिन बीफनी बाई ने अद्वितीय मानवीय सेवा और कर्तव्यपरायणता का परिचय देते हुए संतोषी बाई को पीठ पर बिठाकर नाला पार कराया और समय पर सोनक्यारी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में सफल प्रसव उपरांत उपचार के बाद 4 जुलाई को माँ और बच्चे को छुट्टी दे दी गई। 5 जुलाई को सीएमएचओ स्वयं संतोषी बाई के घर पहुंचे और दोनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मितानिन बीफनी बाई से मुलाकात कर उनके साहसिक कार्य की सराहना की और उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति सतर्क व संवेदनशील बने रहने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि नाले की पुलिया क्षतिग्रस्त होने के कारण बारिश के समय अस्पताल तक पहुँचना कठिन हो जाता है, ऐसे में मितानिनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। इसके साथ ही ग्रामीणों को मौसमी एवं जलजनित बीमारियों से बचाव हेतु कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। सीएमएचओ ने लोगों को सर्पदंश की स्थिति में तत्काल अस्पताल जाने, असुरक्षित जल स्रोतों से पानी न पीने, पानी उबालकर पीने, मच्छरदानी लगाकर सोने, अंधेरे में टॉर्च का उपयोग करने, जमीन पर न सोने व ताज़ा भोजन करने की सलाह दी।


