भास्कर न्यूज | दाढ़ी दाढ़ी अंचल के आसपास के सभी सरकारी स्कूल का संचालन समय पर नहीं हो पा रहा। शहरी क्षेत्र से आने-जाने वाले शिक्षकों का स्कूल समय पर नहीं पहुंचने से संचालन पर असर पड़ रहा है। दाढ़ी अंचल के अधिकतर शासकीय स्कूल का औचक निरीक्षण पिछले कई साल से नहीं हो पाया। सरकारी स्कूलों के टॉयलेट की इतनी दयनीय स्थिति है कि कई वर्षों से उसकी सफाई नहीं की गई है। मजबूरन बच्चों को आसपास खुले स्थान पर जाना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के मेंबर भी केवल 15 अगस्त और 26 जनवरी को ध्वजारोहण व मिष्ठान वितरण कार्य के लिए ही बुलाए जाते हैं, जिसके चलते स्कूल संचालक के समय व शिक्षकों के आने के समय को लेकर स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष को सही जानकारी नहीं है। इस संबंध में ग्राम पंचायत लालपुर के उपसरपंच कस्तूर साहू ने बताया कि उनके गांव के स्कूल में टॉयलेट की तीन-चार वर्ष से एक भी बार सफाई नहीं हुई। बल्कि टॉयलेट में गंदगी है। बच्चे मजबूरन आसपास की खेतों में जाते हैं। मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष को स्कूल के संचालन से कोई लेना-देना नहीं है। एक-डेढ़ घंटे देर से स्कूल आकर जल्द छुट्टी दे देते हैं, मनमानी जारी इसी तरह की स्थिति दाढ़ी नपं के अलावा आसपास के 24 से अधिक गांव के स्कूलों की है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने एक भी बार औचक निरीक्षण नहीं किया। अधिकतर शिक्षक स्कूल प्रारंभ होने के घंटे डेढ़ घंटे बाद तक स्कूल पहुंचते हैं। वही, शाम के समय जल्द स्कूल छोड़ देते हैं। दाढ़ी अंचल में करीब पिछले 7 से 8 वर्षों से एक भी बार एक भी जिला शिक्षा अधिकारी ने औचक निरीक्षण नहीं किया। नगर के वरिष्ठ नागरिक रमेश गुप्ता, उत्तम गुप्ता ने बताया कि सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर निरंतर कमजोर होते जा रहा है। इसके चलते प्राइवेट स्कूलों में ग्रामीण पालक अपने बच्चों को शिक्षा के लिए भेज रहे हैं।


