पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के डूब क्षेत्र को लेकर राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने बुधवार को केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल से मुलाकात की। उनके साथ गुना के चांचौड़ा का प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद था। करीब एक घंटे चली बैठक में मांग की गई कि परियोजना के तहत प्रस्तावित बड़े बांध की जगह छोटे-छोटे बांध बनाए जाएं, ताकि किसानों का विस्थापन न हो। बता दें कि इस परियोजना के तहत चांचौड़ा विधानसभा के घाटाखेड़ी में एक बड़ा बांध बनाना प्रस्तावित है। इसके विरोध में ग्रामीण और किसान लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री के सामने तर्क रखा कि बड़े बांध से उपजाऊ जमीन और आबादी क्षेत्र डूब जाएगा। इसलिए सिंचाई और जल प्रबंधन के लिए वैकल्पिक ढांचे या छोटे बांधों पर विचार किया जाए। मंत्री का आश्वासन- हर पहलू की जांच कराएंगे केंद्रीय मंत्री पाटिल ने आश्वासन दिया कि किसानों के हितों का ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि नुकसान कम से कम हो, इसके लिए विभागीय अधिकारी तकनीकी, सामाजिक और पर्यावरणीय पहलुओं का मूल्यांकन करेंगे। सुझावों को आगे की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। विकास जरूरी, पर किसानों पर बोझ न पड़े प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि विकास परियोजनाएं जरूरी हैं, लेकिन इससे किसानों पर अनावश्यक भार नहीं पड़ना चाहिए। डेलिगेशन में देवेंद्र मीना, श्याम मीना, संजय मीना, रोहित मीना, सौरभ यादव, दीपक यादव, ब्रजेश मीना, वीरेंद्र सिंह और देवेंद्र सिंह शामिल थे।


