भास्कर न्यूज| महासमुंद जिले में बीते दो दिनों से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण महासमुंद के आसमान में बादलों का डेरा है। मंगलवार को सुबह से ही उमस और गर्मी ने लोगों को परेशान किया, लेकिन शाम होते-होते काली घटाएं छाई और हल्की बारिश से पूरा माहौल बदल गया। जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण इलाकों में हुई रिमझिम बारिश ने जहां एक ओर गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी ओर सेहत के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। गर्मी के मौसम की शुरुआती आहट के बीच अचानक हुए इस बदलाव ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। दिनभर की तेज धूप और उमस के बाद शाम को चलने वाली ठंडी हवाओं और बारिश के कारण दोहरी मार पड़ रही है। डॉक्टरों के अनुसार, तापमान में होने वाला यह उतार-चढ़ाव वायरल सर्दी-खांसी और बुखार के लिए सबसे अनुकूल होता है। यही कारण है कि जिले के लोग तेजी से मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। मौसम में आए इस बदलाव का सीधा असर जिला अस्पताल और निजी क्लिनिकों में देखने को मिल रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या में अचानक भारी उछाल आया है। रोजाना औसतन 700 से अधिक मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। इनमें से लगभग 200 मरीज केवल मौसमी बीमारी, वायरल बुखार और सर्दी-खांसी से पीड़ित हैं। अस्पताल पहुंचने वालों में सबसे अधिक संख्या बच्चों और बुजुर्गों की है, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। मौसम विभाग की मानें तो बंगाल में सक्रिय कम दबाव के क्षेत्र का असर एक-दो दिन और रह सकता है। ऐसे में बादल छाए रहेंगे और छिटपुट बारिश की संभावना है। इसने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि खुले में रखे धान और कटने को तैयार फसलों को इससे नुकसान पहुंच सकता है। बदलते मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य सीएमएचओ डॉ. आई नागेश्वर राव ने खान-पान पर ध्यान देने और फ्रिज का ठंडा पानी पीने से बचने और ताज़ा भोजन ही ग्रहण करने की मरीजों को सलाह दी है। उन्होंने कहा कि धूप से आकर तुरंत ठंडे वातावरण या पानी का सेवन न करें। सर्दी-खांसी या बुखार होने पर खुद डॉक्टर न बनें, तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।


